पिण्डवाड़ा. उपखण्ड क्षेत्र के लाज शिवगढ़ गांव में राज्य पशु ऊंट की अज्ञात बीमारी से हो रही मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। पशुपालकों के मुताबिक पिछले डेढ माह में ही करीब 50 ऊंट की रहस्यमय मौत हो चुकी। इससे पशुपालकों में हडक़म्प मचा हुआ है। वहीं इतना सब कुछ होने के बाद भी प्रशासन कोई कदम नहीं उठा रहा। लाज शिवगढ के पशुपालकों का कहना है कि ऊंट किसी अज्ञात बीमारी की चपेट में आने से खाना पीना बंद कर देता है तथा एक दो दिन में उसकी मौत हो जाती है। पशुपालक अपने ऊंटों को बचाने के लिए पशुपालन विभाग के चिकित्सकों से इलाज भी करवा रहे है, लेकिन स्थानीय चिकित्सक बीमारी का पता नहीं लगा पा रहे है। जिसके परिणाम स्वरूप आए दिन एक-दो ऊंट मौत का शिकार हो रहे हैं।
इनका कहना है
पिण्डवाड़ा तहसील क्षेत्र के लाज शिवगढ़ क्षेत्र में ऊंटों की लगातार मौत होने की जानकारी मिलते ही पशु चिकित्सकों की टीम के साथ स्वय पहुंचा था तथा बीमारी की जांच करवाई। बीमार ऊंटों का इलाज अभी जारी है। वहीं पशुपालकों को नियमानुसार उचित मुआवजे के लिए भी कार्रवाई की जाएगी।
हसमुख कुमार, उपखण्ड अधिकारी, पिण्डवाड़ा
पशु पालकों से ऊंट मरने की पूरी जानकारी लेकर बीमार पशुओं का उपचार पशु चिकित्सक टीम से करवा रहे है। इस बीमारी पर अंकुश लगाने के लिए चिकित्सकों की टीम मुस्तैदी से लगी हुई है।
मादाराम मीणा, तहसीलदार, पिण्डवाड़ा
ठंड के चलते ऊंटों में निमोनिया बीमारी होने की संभावना है। हमने चिकित्सकों की टीम बीमारी वाले क्षेत्र में भेज दी है, जल्द ही इस बीमारी पर काबू पा लिया जाएगा।
जगदीश बरबड़, संयुक्त निदेशक, पशुपालन विभाग, सिरोही