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टीका दस्तूर के ढाई लाख लौटा दहेज मुक्त का संदेश

अन्य समाजों के लिए बने प्रेरणा

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sirohi

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सिरोही. दहेज प्रथा पर करारा तमाशा जड़ते हुए एक दूल्हे और उनके भाई ने तिलक दस्तूर रस्म में टीके के रूप में मिले ढाई लाख रुपए लौटाकर समाज सुधार का संदेश दिया। उन्होंने राजपूत समाज के इस रीतिरिवाज को बन्द करने का आग्रह किया है। साथ ही, उन्होंने विवाह में 'कंकू-कन्याÓ कहावत को साकार किया। क्षत्रीय राजपूत समाज कल्याणकारी संस्थान अध्यक्ष गुमानसिंह परमार ने बताया कि गत २५ जून को कालन्द्री निवासी प्रतापसिंह पुत्र प्रेमसिंह के बेटे हुनरसिंह की बारात रामपुरा आई। यहां रीतिरिवाज के अनुसार ससुर शैतानसिंह ने जवाई (दूल्हे) को ढाई लाख रुपए दिए।

सरदारपुरा के ग्रामीण जान जोखिम में डाल कर बुझाते हैं प्यास
अन्दौर. समीपवर्ती सरदारपुरा गांव के बाशिंदे प्यास बुझाने के लिए कई जतन कर रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि करीब ३०० मकान हैं लेकिन समय पर पानी नहीं मिलने के कारण लोग परेशान हैं। गांव में तीन टंकी हैं लेकिन पानी नहीं आने से लोग सुबह जल्दी टंकी पर चढ़कर बाल्टी से खींचते हैं। ऐसे में हादसे का भी अंदेशा बना रहता है। ग्रामीणों ने बताया कि पानी नहीं मिलने से मजबूरन हैण्डपम्पों का खारा पानी पीना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि सुबह थोड़ा पानी आता है तो महिलाएं टंकी पर चढ़कर खींच लेती हैं। पानी बचता भी नहीं है।
&सरदारपुरा गांव में ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली है। पानी नहीं आ रहा है तो उच्च अधिकारियों को अवगत करवा देंगे।
रेखा देवी, सरपंच, मोरली
इस पर दूल्हे और उनके भाई शैलेन्द्रसिंह ने शगुन के तौर पर ग्यारह सौ रुपए लेकर शेष राशि लौटा दी। इसी प्रकार प्रतापसिंह के बड़े बेटे गट्टूसिंह की बारात कृष्णगंज निवासी देवीसिंह के यहां पहुंची तो उन्होंने भी टीके के रूप में ५१ हजार रुपए दूल्हे को दिए। इस पर दूल्हे के भाई ने यहां भी सिर्फ शगुन के तौर पर ग्यारह सौ रुपए लेकर बाकी राशि लौटा दी। परमार परिवार की इस पहल से दहेज मुक्त समाज कोप्रोत्साहन मिलेगा। वैसे कई समाज कुरीतियों के प्रति सचेत हो रहे हैं। यह प्रकरण भी प्रेरणास्रोत बनेगा।
यह रहे मौजूद
इस दौरान समाज के गंगासिंह राठौड़, देवीसिंह, जुहारसिंह देवल, नरपतसिंह तंवर, गोपालसिंह देवड़ा, हिम्मतसिंह झाला, जब्बरसिंह सोलंकी, मंगलसिंह चौहान, हड़मतसिंह देवल, मंगलसिंह राठौड़, शैतानसिंह राठौड़, लक्ष्मणसिंह चौहान, हडमतसिंह सोलंकी आदि मौजूद थे।