
- सूरत में बहुमंजिला इमारत में संचालित कोचिंग सेंटर में आग लगने से २२ जनों की मौत की घटना के बाद नगरपालिका प्रशासन ने किया मौक ड्रिल - शहर तरतोली मार्ग स्थित लाइफ केयर हॉस्पिटल व बस स्टैंड के पास स्थित कॉपलेक्स पर किया मॉक ड्रिल - शांतिकुंज के पास चौथी मंजिल पर संचालित स्किल डेवलपमेंट सेंटर पर नजर आई कमियां आबूरोड. गुजरात के सूरत में पिछले दिनों एक बहुमंजिला इमारत में संचालित कोचिंग सेंटर में लगी आग में २२ लोगों के जान गंवाने की घटना के बाद आबूरोड नगरपालिका प्रशासन भी हरकत में आ गया है। विभागीय उच्चाधिकारियों के आदेश पर पालिका प्रशासन ने शहर के दो कॉपलेक्सों में आग लगने की घटना से निपटने का मॉक ड्रिल किया गया। पालिका कनिष्ठ अभियंता छगनलाल व सफाई निरीक्षक अर्जुन बामणिया मय टीम मंगलवार सुबह शहर के तरतोली मार्ग स्थित लाइफ केयर हॉस्पिटल पहुंचे। इस दौरान भवन के दूसरी मंजिल पर आग लगने की स्थिति से निपटने में प्रशासन की तैयारियों को परखा गया।आग की सूचना मिलने पर तुरंत दमकल कर्मीकमलकुमार, प्रभुराम, सुरेशसिंह, फूलचंद व अन्य दमकलकर्मीमौके पर पहुंचे। दूसरी मंजिल पर आग बुझाने के लिए कर्मचारियों के पहुंचने पर आग पर पानी की बौछार कर काबू पाया गया। चिकित्सक डॉ. कमल बंसल ने बताया कि अस्पताल में आग पर काबू पाने के लिए दो अग्निशामक (फायर एक्सटींगिशर) के अलावा कार्बन डाइऑक्साइड इसके बाद पालिका कर्मचारियों ने अस्पताल कर्मियों को आग लगने की स्थिति से निपटने के लिए फायर एक्सटींगिशर का इस्तेमाल करने व तुरंत सूचना देने की जानकारी दी। यहां आग बुझाने में मिली कमियां मॉक ड्रिल के दौरान टीम के शांतिकुंज के पास आईडीबीआई बैंक के ऊपर बहुमंजिला इमारत में संचालित स्कील डेवलपमेंट सेंटर पहुंचे, तो यहां आग की स्थिति से निपटने में कमियां नजर आई। चौथी मंजिल पर सेंटर पर दो पारियों में करीब २४० छात्र रहते हैं। दो हजार वर्गफीट में संचालित सेंटर में चार लेब व एक ऑफिस के बीच पार्टेशन करने के लिएलकड़ी की प्लाई का उपयोग किया जा रहा था। जो आग लगने की स्थिति में ज्वलनशील हो सकती है। सेंटर में आग से निपटने के लिएआठ किलोग्राम का एक फायर एक्सटींगिशर रखा गया है। इस पर पालिका जेईएन ने इसे अपर्याप्त बताते हुएआग से निपटने के पर्याप्त प्रबंध करने के निर्देश दिए। जिस पर सेंटर संचालक ने बताया कि निर्धारित गाइडलाइन के मुताबिक ही अग्निशामक यंत्र रखे गएहैं। मुय मार्गस्थित कॉपलेक्स पर किया मॉक ड्रिल इसके बाद टीम बस स्टैंड के पास स्थित बहुमंजिला इमारत में संचालित होटल पहुंचे। इस पर दमकल को भवन की दूसरी मंजिल में आग लगने की सूचना दी गई। जिस पर दमकलकर्मियों की टीम मौके पर पहुंची व दूसरी मंजिल में आग बुझाने के प्रयास किएगए। आग से निपटने में पालिका के पास भी संसाधनों की कमी वैसे तो पालिका प्रशासन के पास आग की स्थिति से निपटने के लिए एक दमकल वाहन है, लेकिन वाहन को मिनी दमकल नजर आती है। दमकल के काफी पुरानी होने व पानी की कम भराव क्षमता से कई बार आग की स्थिति में परेशानी का सामना करना पड़ जाता है। दमकल से पचास फीट तक (तीसरी मंजिल) ही आग पर काबू पाया जा सकता है। वहीं इसमें लगी सीढ़ी भी सिंगल मंजिल तक ही कार्यमें आ सकती है। पूर्व में पालिका की बैठक में नई दमकल खरीदने की मांग पार्षद कर चुके हैं, लेकिन अब तक शहर को नई दमकल नहीं मिली है। इन्होंने बताया ... मैं आज जयपुर हूं। जेईएन से एक बार मॉक ड्रिल की जानकारी लेने के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। - सुनिलकुमार शर्मा, अधिशासी अधिकारी, नगरपालिका आबूरोड
Published on:
29 May 2019 10:10 pm
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