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जिला परिषद की साधारण सभा में उठा मुद्दा: सरकारी कार्यों के लिए बजरी भरपूर, आमजन के काम रुके

si- सदस्य ऐसे प्रस्ताव दें ताकि हो चहुंमुखी विकास- पायल

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सिरोही जिला परिषद में बैठक को संबोधित करतीं जिला प्रमुख।


सिरोही. जिला परिषद सभागार में गुरुवार को जिला प्रमुख पायल परसरामपुरिया की अध्यक्षता में साधारण सभा की बैठक हुई। बैठक में प्रमुख ने कहा कि सदस्य अपने क्षेत्र के ऐसे प्रस्ताव दें ताकि चहुंमुखी विकास हो सके। उन्होंने कहा कि सदन में उठने वाले मुद्दे कार्यवाही विवरण में लिखे जाएंं ताकि आगामी बैठक में चर्चा कर निस्तारण या प्रगति से सदन को अवगत करवाया जा सके। उन्होंने जलदाय, विद्युत, सार्वजनिक निर्माण, जल संसाधन के अधिकारियों को आवश्यक रूप से बैठक में भाग लेने की बात कही। जिला कलक्टर संदेश नायक ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे सदस्यों द्वारा उठाए गए मुद्दों की नियमानुसार जांच करें। यदि कमी पाई तो कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। कार्यों की विशेष गुणवत्ता बनाए रखने के भी निर्देश दिए।
सदस्य कुलदीपसिंह देवड़ा ने कहा कि गांवों में प्रधानमंत्री आवास योजना तथा अन्य जरूरतमंदों के भवन निर्माण में लाई जा रही बजरी को पकड़ा जा रहा है, जबकि सरकारी कार्यों के लिए धड़ल्ले से बजरी आ रही है। वाड़ा खेड़ा की चार दीवारी निर्माण में बजरी के ढेर पड़े हैं, आखिर उस पर कोर्ट के आदेश की पालना क्यों नहीं हो रही है? उन्होंने वन विभाग की ओर से दीवार निर्माण में घटिया सामग्री के उपयोग का आरोप लगाया।उन्होंने कहा कि पूर्व में भी घटिया निर्माण की बात कही थी, जिस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।इस पर डीएफओ संग्राम सिंह ने बताया कि इसकी जांच करवा दी है, जिसमें कार्य गुणवत्तापूर्ण पाया गया। उन्होंने ओड़ा में जीएलआर १५० घरों की आबादी में बनाने तथा बड़ावेरा से कलदरी तक पक्की सडक़ बनाने की मांग की। उन्होंने पटवारियों के गांवों में चार महीने तक नहीं जाने की भी बात कही।
शराबी शिक्षक के खिलाफ जांच के आदेश
रेवदर प्रधान पुंजाराम मेघवाल ने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय जैतावाड़ा में कार्यरत शिक्षक के रोजाना शराब पीकर विद्यालय आने तथा एक बार सभी बच्चों को कमरे में बंद करने का मामला उठाते हुए शिक्षा विभाग की कार्रवाई के बारे में पूछा। इस पर जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि एक संस्था प्रधान को मौके पर भेजकर जांच करवा दी है, इस पर जिला कलक्टर ने अध्यापक के विरुद्ध जांच कमेटी बनाने तथा सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
हमारी सत्ता आने वाली है
सदस्य पुखराज गहलोत से लूट के मामले में एएसपी पन्नालाल मीणा से जांच की बात कही तो उन्होंने कहा कि आरोपितों की तलाश जारी है। इस पर गहलोत ने प्रमुख को भी कहा कि आप सभी सदस्यों की अध्यक्ष हैं, मैं सदस्य हूं और मेरे साथ लूट होने के बाद भी पुलिस को मामले के बारे में नहीं बोला गया। इस पर उन्होंने तंज कसते हुए बोला कि आप चिंता मत करो, हमारी सत्ता आने वाली है सभी काम होंगे, तो इस पर सभी हंसने लगे। उन्होंने माधव विश्वविद्यालय वन विभाग की भूमि पर बनना बताते हुए इसकी जीपीएस से जांच करने की मांग की तो डीएफओ ने बताया कि अगर वन भूमि में अतिक्रमण है तो जीपीएस नहीं, डेढ़ लाख की मशीन जीआईएस से जांच कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसमें किसी को भी नहीं बख्शा जाएगा।
ये भी बताई समस्याएं
शिवगंज प्रधान जीवाराम आर्य ने सदन को मनरेगा में सुरक्षा दीवार का निर्माण अब नहीं होने से इसे एजेंडे में शामिल करने की बात कही। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास के लाभार्थियों के मनरेगा योजना में श्रम भुगतान का एफटीओ जनरेट नहीं होने, नदी-नालों से बबूल हटाने, कृषि विभाग की ओर से बीज वितरण सही नहीं होने की बात कही। प्रधान प्रज्ञा कंवर ने कालन्द्री-सिलदर-जसंवतपुरा मार्ग को चौड़ा करने व कालन्द्री अस्पताल में गंदगी की समस्या के समाधान की बात कही। पुखराज गहलोत ने सांतपुर गांव के 923 खसरा प्रकरण में गलत आवंटन म्यूटेशन कार्मिक के नाम होने, ग्रीष्म ऋतु में हैंडपंपों की स्थिति पर चर्चा के लिए विभाग के प्लान, पिण्डवाड़ा में ट्रोमा सेंटर बनाने की बात कही। इसके अलावा रोडवेज बसें सरूपगंज नहीं जाने, पालड़ी एम गांव से गुजरने वाली बसों की रफ्तार कम करने की भी बात सामने आई। सदस्य लीला देवी, बसंती देवी, रेखा देवी, गिरिजा कंवर, दिनेश, वीराराम, भारमाराम, पुष्करलाल, धनाराम, शंकरलाल ने भी समस्याएं बतार्इं। बैठक में मुख्य कार्यकारी अधिकारी केसरलाल मीणा ने प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने सभी अधिकारियों को विभिन्न कार्यक्रमों में जन प्रतिनिधियों को बुलाने तथा प्रधानमंत्री आवास योजना की तिथि 16 अप्रेल तक बढ़ाने की बात कही। सभा में मनरेगा कार्य योजना 2018 -19 प्रस्तुत की गई, जिसमें 140.48 करोड़ के प्रस्ताव मिले। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने कानून व्यवस्था की जानकारी दी। इस दौरान अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी रामचन्द्र गरवा, संबंधित अधिकारी व जन प्रतिनिधि मौजूद थे।

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