माउंट आबू. प्रदेश के एकमात्र हिल स्टेशन माउंट आबू में निर्माण पर पूर्ण रोक होने के बावजूद हैटम जी से लेकर गुरु शिखर तक रसूखदार बेरोकटोक निर्माण कर रहे हैं। इतना ही नहीं 2009 में रोक लगने के बावजूद अब तक सैंकड़ों नव निर्माण हो गए। साथ ही कई स्थानों पर बड़ी-बड़ी होटलें तक बन गई, लेकिन प्रशासन हमेशा कार्रवाई के नाम पर किसी गरीब को ही निशाना बनाता रहा है। ऐसा ही एक मामला सोमवार को देलवाड़ा में भी देखने को मिला। जहां 80 वर्षीय एक बुजुर्ग हेमी देवी सड$क किनारे पानी की बोतल एवं नमकीन बेचकर अपने अंधे बेटे व बेटी को पालती है। ऐसे में इस बुजुर्ग ने अपनी गाड़ी कमाई के पैसों से कुछ पतरे लाकर झोंपड़े के आगे दुकान के लिए शेड बनवाया था। ताकि उसका रोजगार चलता रहे, लेकिन सोमवार सुबह उपखंड अधिकारी राहुल जैन के निर्देश पर नगरपालिका की टीम मौके पर पहुंची और जेसीबी की सहायता से इस गरीब परिवार के सपनों को चूर-चूर कर दिया।
रसूखदारों के आज भी हो रहे है धड़ल्ले से निर्माण
हैरानी की बात यह कि माउंट आबू में प्रशासन की दोहरी नीति से यहां के मूलनिवासी व गरीब लोग परेशान है। यहां के मूल निवासी मकान मरम्मत व शौचालय के निर्माण को लेकर भटक रहे है। इतना ही नहीं आज भी कई कॉलोनियों में गरीब और निर्धन लोग शौच के लिए खुले में जाने को मजबूर हैं। जबकि बाहर से आने वाले रसूखदार लोग ओरिया, अचलगढ़ व माउंट आबू सहित कई स्थानों पर धड़ल्ले से होटलों व बंगलों का निर्माण करवा रहे हैं। इतना ही नहीं रसूखदार लोग टोल नाके से बेरोकटोक निर्माण सामग्री भी लेकर आ जाते हैं। रसूखदार लोग सरकारी कार्य में लगे ठेकेदार व सीवरेज कंपनी के ठेकेदारों की सहायता से निर्माण सामग्री भी आसानी से हासिल कर लेते है। ऊंची पहुंच वाले लोग प्रशासन से मरम्मत की परमिशन की आड में बड़े निर्माण तक कर देते हैं, लेकिन ऐसे गरीब व असहाय लोग प्रशासन तक पहुंच भी नहीं पाते और अगर पहुंच भी जाते हैं तो उन्हें अनुमति भी नहीं मिलती।
कई वर्षों से नहीं हुई कोई बड़ी कार्रवाई
पिछले कई वर्षों से माउंट आबू में किसी भी होटल व बंगलों में हो रहे अवैध निर्माण पर बडी कार्रवाई सामने नहीं आई। हालांकि पिछले महीने प्रशासन ने एक दो होटलों में छोटी मोटी कार्रवाई जरूर की थी, लेकिन पिछले 1 वर्ष से कई लोगों ने प्रशासन को लिखित में शिकायत कर रसूखदारों के होटलों के नाम लिखकर तक ज्ञापन भेजे थे। इतना ही नहीं शिकायतकर्ताओं द्वारा प्रशासन को बंगलों व होटलों के फोटो तक उपलब्ध करवाए थे। इसके बावजूद प्रशासन की ओर से कार्रवाई नहीं करना संदेह के दायरे में है।
प्रशासन के पास शिकायत के बाद नगर पालिका को अवैध निर्माण तोडऩे के निर्देश दिए जाते हैं, उसके बाद पालिका की टीम कार्रवाई करती है। रसूखदारों के अवैध निर्माण को लेकर प्रशासन से ऐसे कोई निर्देश नहीं मिले। अगर मिलेंगे तो पालिका की टीम कार्रवाई करेगी।
जीतू राणा, अध्यक्ष, नगर पालिका माउंट आबू