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जातिगत राजनीति व चुनावों में फिजूल खर्च बंद होने पर ही सुधार सम्भव

- चेंजमेकर-बदलाव के नायक महाअभियान पर परिचर्चा में प्रतिनिधियों ने दी राय

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आबूरोड में स्वच्छ करें राजनीति अभियान को लेकर आयोजित टॉक शो में चर्चा करते चेंजमेकर्स।

आबूरोड. लोकतंत्र में राजनीति को स्वच्छ बनाने के लिए जनप्रतिनिधियों की स्वच्छ छवि व समाजसेवा की भावना होना आवश्यक है। जनता का प्रतिनिधि यदि समाजसेवा की बजाय एक व्यापारी की तरह सोचेगा तो शायद ही वह कभी जनता का भला कर सकेगा। राजनीति में ईमानदार व्यक्ति को लाकर ही समाज का उत्थान किया जा सकता है। पत्रिका की ओर से चेंजमेकर-बदलाव के नायक, स्वच्छ करें राजनीति महाअभियान के जरिए की गई पहल राजनीति सुधारने में अहम कड़ी साबित होगी। यहां शनिवार को महाअभियान पर परिचर्चा में विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों ने एप के जरिए नामांकन दाखिल किया। साथ ही, राजनीतिक सुधार के लिए विभिन्न मुद्दों पर बेबाकी से विचार व्यक्त किए।

समाजसेवी वर्ग आगे आए
पत्रिका की पहल सराहनीय है। समाजसेवी वर्ग को भी राजनीति में आगे आना चाहिए। राजनीति के माध्यम से यदि कोई जनप्रतिनिधि समाजसेवा करता है तो जनता को बात सरकार तक पहुंचाने में भी आसानी होती है। सबसे पहली बाधा तो चुनाव खर्च होती है, जिसके बिना कोई भी पार्टी टिकट नहीं देती है। पार्टी नेतृत्व पहले टिकट मांगने वालों का चुनाव खर्च व जातिगत वोट बैंक देखता है। जाति के आधार पर तो न तो वोट देने चाहिए और न ही मांगने चाहिए। कई बार समाजसेवी राजनीति में आना भी चाहते हैं, पर विधानसभा सीटों पर आरक्षण के चलते सम्भव नहीं होता। मतदान प्रक्रिया को भी सरल बनाना चाहिए, ताकि आधार कार्ड के माध्यम से व्यक्ति किसी अन्य शहर में होने पर भी मतदान कर सके।
- वीरेन्द्र सुराणा, अध्यक्ष, महावीर इंटरनेशनल

युवा व निष्ठावान लोग बेहतर चेंजमेकर
राजस्थान पत्रिका हमेशा समाज के लिए चेंजमेकर की भूमिका निभाता रहा है। आज के परिपेक्ष्य में राजनीति में युवा व निष्ठावान लोगों को आगे आने की आवश्यकता है, जो समाज के लिए कुछ नया करने की तमन्ना रखते हों। राजनीति अच्छे लोगों के लिए नहीं है, यह एक अवधारणा है यदि राजनेता आप-पास की जरूरतों को निस्वार्थ भावना से पूरा कर समाजसेवा की भावना रखें तो जनता भी उनके कामकाज से खुश होती है। यदि राजनीतिक पार्टियां भी इन बातों को ध्यान में रखकर टिकट प्रदान करें तो सुधार हो सकता है। यदि जनप्रतिनिधि समाज के लिए कुछ करना चाहे तो जरूर पूरा कर सकते हैं, यदि उसके मन में दृढ़ इच्छाशक्ति हो।
- राजेन्द्र सिंघल, पूर्व अध्यक्ष, रोटरी क्लब, आबूरोड
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वोटर की सुनने वाला हो
राजनीति में ऐसा व्यक्ति ही आना चाहिए जिसकी छवि स्वच्छ हो। जिस व्यक्ति पर पूर्व में ही आपराधिक मामले दर्ज है, वह समाज में क्या संदेश प्रसारित करेगा। कई बार राजनेता एक बार मंत्री या विधायक बनने के बाद स्वयं को जनता से दूर कर लेते हैं। ऐसा नहीं होना चाहिए। कई बार लोग जब इन जनप्रतिनिधियों के पास समस्या लेकर जाते हैं, तो उन्हें सीधे मुंह जवाब तक नहीं मिलता है। राजनेता को चाहिए कि समाजसेवा भाव रखकर लोगों के कार्य करवाए।
- मनीष जैन, अध्यक्ष,वकील मंडल आबूरोड

अधिक चुनाव खर्च करता है भ्रष्ट
देश की राजनीति में बदलाव की महती आवश्यकता है। सरकारी तंत्र ? इतना भ्रष्ट हो चुका है कि यदि राजनेता कोई पहल न करें तो लोगों को रोजमर्रा के कार्यों के लिए भी कार्यालयों के दिन-रात चक्कर काटने पड़ते हैं। राजनेता एक बार सत्ता में आने के बाद खर्च राशि वसूलने में लग जाते हैं और जनता के कार्यों से मुंह मोड़ लेते हैं। कई राजनेताओं ने तो इसे भी व्यापार समझ लिया है। राजनीति में फायदा नुकसान न देखते हुए लोगों की सेवा भावना रखनी चाहिए, ताकि देश का विकास हो सके।
- मुकेश अग्रवाल, समाजसेवी, आबूरोड

गृहमंत्री का जावाल में स्वागत
जावाल. कस्बे के समाजसेवी पारस भाई जैन के घर पहुचे गृहमंत्री गुलाबचन्द कटारिया का स्वागत किया गया। कालूभाई पुरोहित ने बताया कि गृहमंत्री भीनमाल में अस्पताल का उद्घाटन करने जा रहे थे और पारस भाई के घर कुछ क्षण रुके तो भाजपा कार्यकर्ता इन्द्रसिंह देवड़ा, शैतानसिंह, छगन हिरागर, मंछाराम, प्रकाश घांची ने स्वागत किया।

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