
सिरोही की मारवाड़-गोड़वाड़ भामाशाहों की धरा है। यहां दानवीरों के सुदूर रहते हुए भी अपनी जन्मभूमि से लगाव कम नहीं हुआ है। वे शिक्षा के क्षेत्र में लाखों-करोड़ों रुपए का योगदान दे रहे हैं, ताकि पिछड़े क्षेत्र का विकास हो और ग्रामीण क्षेत्र के बालक-बालिकाएं भी पढ़-लिखकर आगे बढ़ सकें। ऐसे ही एक भामाशाह परिवार पुरीबाई पूनमाजी माली टोरसो ग्रुप है, जिन्होंने अपनी जन्मभूमि कैलाशनगर में करीब 5 करोड़ की लागत से सरकारी कॉलेज के आधुनिक भवन का निर्माण कराया है, ताकि ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थी उच्च शिक्षा ग्रहण सकें। कॉलेज भवन का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है।
करीब दो वर्ष पूर्व तत्कालीन विधायक संयम लोढ़ा के प्रयास से सरकार ने कैलाशनगर में सरकारी कॉलेज खोला था। यहां के विद्यार्थियों विशेषकर बालिकाओं को उच्च शिक्षा के लिए सिरोही व शिवगंज आवागमन में होने वाली दिक्कतों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने स्वीकृति वर्ष में ही प्रथम वर्ष की कक्षाओं के संचालन की अनुमति दे दी। कैलाशनगर के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय भवन में कॉलेज का संचालन शुरू कर दिया।
यह कॉलेज परिसर पर्यावरण संरक्षण की भी मिसाल बनेगा। इसकी वजह यह कि भामाशाह परिवार की ओर से केम्पस के सामने 18 हैक्टेयर भूमि में सघन वृक्षारोपण करवाया गया है। परिसर में करीब 5 हजार पेड़ लगाए गए हैं। जिनकी वर्तमान में ऊंचाई करीब 10 फीट तक हो चुकी है। इन पेड़ों में पानी पिलाने के लिए ड्रिप सिस्टम की व्यवस्था की गई है।
भामाशाह परिवार के सदस्य शंकरलाल माली ने बताया उनका परिवार भले ही व्यवसाय के चलते मुम्बई रहता हो, लेकिन जन्मभूमि से गहरा जुड़ाव है। उनके मुताबिक क्षेत्र शिक्षा की दृष्टि से पिछड़ा है। खासकर ग्रामीण क्षेत्र में कई लोग आज भी अपनी बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए बाहर पढ़ने नहीं भेजते। ऐसे में बहुत सी बेटियां उच्च शिक्षा से वंचित रह जाती हैं। यह देख माता-पिता ने कहा कि जन्मभूमि के लिए कुछ करना है। इस पर पांचों भाइयों शंकरलाल माली, समरथ मल माली, चुन्नीलाल माली, भगाराम माली, प्रकाश कुमार माली परिवार ने कॉलेज भवन निर्माण का निर्णय लिया। ताकि गांवों के बच्चे क्षेत्र में ही उच्च शिक्षा पा सकें।
शंकरलाल पुनमाजी माली, भामाशाह
मातुश्री पुरीबाई पुनमाजी माली टोरसो राजकीय महाविद्यालय कैलाशनगर के भवन के निर्माण का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। भामाशाह परिवार ने आधुनिक भवन का निर्माण करने के साथ ही भवन केे चारों तरफ़ चारदीवारी मय फेंसिंग, दो विशाल प्रवेश द्वार, स्टेज, गार्डन, केम्पस में सीमेंट कंक्रीट सड़क, ट्यूबवेल, शीतल पेयजल के लिए आरओ की सुविधा भी उपलब्ध करवाई गई हैं।
Published on:
30 Apr 2025 02:49 pm
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