
आबूरोड. मार्वल ग्रोथ सेंटर स्थित ग्रेनाइट इकाई।
आबूरोड @ पत्रिका. सिरोही जिले में सबसे अधिक मार्बल व ग्रेनाइट इकाइयों वाले आबूरोड रीको औद्योगिक क्षेत्र के दोनों ग्रोथ सेंटर में मार्बल व ग्रेनाइट प्रोसेसिंग के दौरान निकलने वाले अपशिष्ट (स्लरी) के निस्तारण के लिए अभी तक डंपिंग यार्ड की सुविधा उपलब्ध नहीं हो सकी है। ऐसे में सुरक्षित स्थान पर स्लरी निस्तारण में उद्यमियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय उद्योग संगठन डंपिंग यार्ड स्थापित करने की राज्य सरकार से लगातार मांग कर रहे हैं।
इधर-उधर स्लरी निस्तारण को विवश
औद्योगिक क्षेत्र में अधिकांश मार्बल व ग्रेनाइट की इकाइयां अंबाजी व मावल ग्रोथ सेंटर-प्रथम तथा द्वितीय में स्थित है। जिनमें पत्थरों की प्रोसेसिंग के काम के दौरान बड़ी मात्रा में स्लरी निकलती है। अंबाजी औद्योगिक क्षेत्र में छोटे डंपिंग यार्ड के बावजूद स्लरी निस्तारण में किसी तरह काम चलाया जा रहा है। ग्रोथ सेंटर-प्रथम व द्वितीय में तो विकसित होने के समय से ही डंपिंग यार्ड की सुविधा नहीं है। इकाई मालिकों को इधर-उधर स्लरी डालने को मजबूर होना पड़ रहा है। इसके कारण कई बार उन्हें प्रदूषण नियंत्रण विभाग की कार्रवाई का भी सामना करना पड़ता है।
रीको ग्रोथ सेंटर प्रथम व द्वितीय में स्लरी निस्तारण के लिए डंपिंग यार्ड नहीं है। हम लगातार जमीन आवंटन की मांग कर रहे हैं। स्थानीय रीको प्रशासन ने दोनों ग्रोथ सेंटर में डंपिंग यार्ड के लिए जमीन आवंटन का प्रस्ताव जयपुर मुयालय भिजवाया है। जिसे शीघ्र स्वीकृति मिलने की उमीद है।
भगवान अग्रवाल, अध्यक्ष, आबू मार्बल एसोसिएशन
उद्योग राज्यमंत्री केके विश्नोई से ग्रोथ सेंटर में डंपिंग यार्ड सुविधा के लिए आग्रह किया था। जिला स्तर पर आयोजित डीआरएम बैठक में भी इस मुद्दे को उठाया था।
प्रहलादराम चौधरी, सचिव, आबू चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज
Published on:
19 Mar 2025 03:36 pm
बड़ी खबरें
View Allसिरोही
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
