
माउंट आबू. शहर व मुख्य बाजार जिसको मिलेगी अब बड़ी राहत।
हरिपाल सिंह
माउण्ट आबू . माउंट आबू में मरम्मत व निर्माण को लेकर लंबे समय से परेशान आबूवासियों को सरकार ने अब बड़ी राहत दी है। इसी के तहत अब आबू के निवासियों को जोन निर्धारण होने के साथ ही अब नए निर्माण की अनुमति मिल सकेगी। राज्य सरकार ने भवन मानचित्र स्वीकृत करने के साथ लम्बे समय से चल रही जोन निर्धारण की मंजूरी दे दी है। सोमवार को स्वायत्त शासन विभाग के निदेशक व संयुक्त सचिव हरदेश शर्मा ने S2 जोन के निर्धारण कीं स्वीकृति के आदेश जारी कर दिए हैं। राज्य सरकार द्वारा जोन निर्धारण व नए आदेश होने से अब नियमानुसार भवन मान चित्र स्वीकृत होंगे। वही राज्य सरकार ने ज़ोनल मास्टर प्लान के अनुसार मार्च 2019 में बिल्डिंग बाय लोज भी लागू कर दिया था। साथ ही कार्य को आगे बढ़ाते हुए भवन अनुज्ञा समिति का गठन भी कर दिया था। तत्पश्चात समिति ने बेठक कर इस कार्य को भी आगे बड़ा दिया था। जिसके चलते अब तक नये निर्माण की स्विक्रति रुकी हुई थी। अब इसकी स्वीकृति के साथ मुख्य बाजार, सानी गांव, मांसगांव सहित कई घनी आबादी वासियों को बड़ी राहत मिलेगी।इसकी अनुमति को लेकर लंबे समय से पूर्व उप मुख्य सचेतक रतन देवासी प्रयासरत थे। साथ ही माउंट आबू में मरम्मत व निर्माण को लेकर पिछले लंबे समय से पत्रिका ने भी लगातार कहीं मुद्दे उठाए।
यह है पूरा मामलाराज्य सरकार ने बायलॉज़ लागू कर समिति का गठन कर समस्त अधिकार स्थानीय स्तर पर दे दिए थे। नए भवन मान चित्र स्वीकृत करने के लिए व नए निर्माण की अनुमति प्रदान करने के लिए भवन निर्माण व अनुज्ञा समिति की बैठके भी पूर्व में हुई। बैठक से पूर्व सम्बन्धित कर्मिकों ने मौक़ा मुआयना भी किया व दस्तावेज जांच कर बैठक में अन्तिम स्वीकृति के लिए फ़ाइल तैयार की ताकि नियमानुसार सरकार से निर्माण की स्वीकृति जारी हो सके। इसको लेकर अगस्त 2020 की बैठक में चर्चा के बाद निर्माण स्वीकृति जारी करने से पूर्व राज्य सरकार के पास फाइल भेजकर इसके बारे में मार्गदर्शन मांगा गया। जिसको लेकर तत्कालीन कार्यवाहक आयुक्त गौरव सैनी ने राज्य सरकार को पत्र लिखा। पत्र में बताया कि S2 जोन की सीमा निर्धारण की स्वीकृति मांगी। बताया कि उक्त जोन की सीमा निर्धारण की स्वीकृति राज्य सरकार से होते ही नए निर्माण कीं स्वीकृति नियमानुसार भवन मान चित्र स्वीकृत कर दे सकेंगे। ऐसे में माउंट आबू नगरपालिका सीमा में दो जोन S2 व S3 निर्धारित किए हैं। S2 जोन मुख्य बाज़ार , ग़ैर योजना तक सघन आबादी, व्यावसायिक क्षेत्र जबकि S3 शेष पालिका क्षेत्र आउटर होगा।
विधायक संयम लोढ़ा ने विधानसभा भी उठाया था मामला
सिरोही विधायक संयम लोढ़ा ने हाल ही में बजट सत्र के दौरान यह मामला विधानसभा में उठाया था। लोढ़ा ने यह मुद्दा उठाते हुए कहा था कि सरकार ने सभी अधिकार दे दिए मगर जोन सीमा निर्धारण नहीं होने से माउंट आबू के निवासियों को नए निर्माण की स्वीकृति नहीं मिल पा रही हैं। कुछ दिनों के काम को डेढ़ वर्ष हो गए फिर कैसे सालों बाद राहत दे पाएंगे। लोढ़ा ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र S1 व S4 जोन में कोई रुकावट नहीं है फिर भी बैठक कर नए निर्माण की स्वीकृति नहीं दे रहे हैं। वही पूर्व उप मुख्य सचेतक रतन देवासी ने पिछले लम्बे समय से इस मुद्दे को लेकर जयपुर में स्वायत शासन विभाग के सभी अधिकारियों से मिल कर जल्द कार्यवाही करने के लिए प्रयास किए गए। साथ ही कई त्रुटियों को पूरा कराने में भी मदद की।
इनका कहना है...
- काफ़ी समय से जोन निर्धारण के प्रयास कर रहे थे। जयपुर स्तर पर बड़ी मेहनत करनी पड़ी। इसके बिना मुख्य इलाक़ों को राहत नही मिल पाती। सभी के मिलेजुले प्रयास काम आए। अब सरकार के स्तर पर कोई कार्य बाक़ी नहीं है। अब नगरपालिका बैठक कर नए नक़्शे स्वीकृत कर नियमानुसार निर्माण स्वीकृति दे सकती है। आशा है अब आबुवासियों को बरसों बाद जो राहत मिलेगी उसमें कोई रोड़ा नहीं डालेगा व उनके सपनों को पूरा होने देंगे। मैं मुख्यमंत्री व स्वायत्त शासन मंत्री का आभार व्यक्त करता हूँ।
-रतन देवासी, पूर्व उप मुख्य सचेतक, राजस्थान सरकार
यह फाइल हमारे पास आई थी। हमने इसमें नियमानुसार स्वीकृति दे दी है। लंबे समय बाद अब माउंट आबू निवासियों को राहत मिलेगी। नगरपालिका नियमानुसार आगामी कार्रवाई कर सकती हैं।
राजेश तुलारा, अतिरिक्त मुख्य नगर नियोजक, जयपुर
Published on:
26 Apr 2022 03:19 pm
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