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शिवगंज (कासं)। यहां नगर पालिका में पालिकाध्यक्ष की कुर्सी को लेकर संकट बरकरार है। चौदह पार्षदों ने बगावत का बिगुल बजाने के बाद अब तक बात नहीं बनते देख जयपुर में मुख्यमंत्री, प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी , ऊर्जा मंत्री पुष्पेन्द्रसिंह राणावत की चौखट पर दस्तक दी। उन्होंने पालिकाध्यक्ष को हर हाल में हटाने की मांग की। वहां भी महज आश्वासन ही मिला। सूत्रों के अनुसार असंतुष्ट चौदह में से नौ पार्षद पालिका उपाध्यक्ष मनीष सर्राफ के नेतृत्व में पिछले दो दिन से जयपुर में डेरा डाले हैं। इससे पूर्व पार्षदों ने जिलाध्यक्ष लुम्बाराम चौधरी को भी पालिकाध्यक्ष को हटाने की मांग का ज्ञापन सौंपा था। करीब एक पखवाड़े से पार्टी में चल रहा घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। पार्षद पालिकाध्यक्ष को हटाने की मांग पर अड़े हुए हैं। दस पार्षद तो ऐसे हंै जिन्होंने पालिकाध्यक्ष को नहीं हटाने की स्थिति में इस्तीफे तक लिख रखे हैं।
राज्य मंत्री की बात भी नहीं मानी
पिछले दिनों शहर के एक होटल में गोपालन राज्य मंत्री ओटाराम देवासी ने भी पार्षदों से दो-तीन दौर की वार्ता की थी। देवासी ने पार्टी हित में एकजुट होने की अपील करते हुए स्पष्ट कर दिया था कि पालिकाध्यक्ष को किसी हाल में नहीं हटाया जाएगा। यदि किसी बात को लेकर विवाद है तो मिल बैठकर समाधान किया जा सकता है। राज्यमंत्री की समझाइश के बाद भी असंतुष्ट पार्षद मांग पर अड़े रहे। पता चला है कि अब ऊर्जा मंत्री पुष्पेन्द्रसिंह राणावत को पार्षदों से समझाइश के लिए भेजा जा रहा है लेकिन वे कार्यवश शिवगंज नहीं आ सके।
जिलाध्यक्ष को बताई पीड़ा
इस बीच, असंतुष्ट पार्षद तीन दिन पहले सिरोही में जिलाध्यक्ष लुम्बाराम चौधरी से मिले। उन्हें ज्ञापन सौंपकर पीड़ा व्यक्त की तथा पालिकाध्यक्ष पर विकास कार्यों में भेदभाव का आरोप लगाया। इन पार्षदों ने जिलाध्यक्ष से भी स्पष्ट कर दिया कि पालिकाध्यक्ष को हटाने तक वे चुप नहीं रहेंगे।
लंबे समय से कवायद
गौरतलब है कि पिण्डवाड़ा नगर पालिका में पालिकाध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश होने के बाद शिवगंज में भी असंतुष्ट पार्षदों ने पालिकाध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की कवायद शुरू की थी लेकिन पार्टी का दबाव तथा संख्या बल कम होने की वजह से बात नहीं बन पाई। हालांकि बाद में प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी ने सिरोही में इन पार्षदों को संगठन व पार्टी हित में कार्य करने की नसीहत देते हुए भेदभाव नहीं होने देने का भरोसा दिला मामला शांत करवा दिया था। इसके बाद विभिन्न कमेटियों का गठन कर अध्यक्ष व सदस्यों को दायित्व सौंप पार्षदों की नाराजगी दूर करने का प्रयास किया गया। इन सभी प्रयासों से भी बात नहीं बन पाई है।
Published on:
29 Nov 2017 11:34 am
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