
पंचायत स्तर पर ग्राम पंचायत सहायक की भर्ती प्रक्रिया शुरू हो रही है, लेकिन नियमों की अस्पष्टता से असमंजस है। ऐसे में प्रक्रिया संकट में पडऩे का अंदेशा है। चयन के लिए संस्था प्रधानों को पंचायत प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी नामित किया है, लेकिन अधिकारी खुद उलझे हुए हैं। संस्था प्रधानों ने स्थिति स्पष्ट करने की मांग रखी है।इस सम्बंध में मंगलवार को जिला कलक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया। सिरोही, शिवगंज, पिण्डवाड़ा, रेवदर, आबूरोड ब्लॉक से प्रतिनिधि मौजूद रहे।
जताई असमर्थता
ज्ञापन में बताया कि आशार्थियों के चयन में वरीयता दी जाएगी, लेकिन आधार स्पष्ट नहीं है। अंदेशा जताया कि ऐसी स्थिति में चयन विवाद रहित होना संभव नहीं है।चयन के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के अभाव एवं बाह्य हस्तक्षेप के कारण चयन सम्बंधी प्रक्रिया में असमर्थता तक जताई गई है।
इसलिए बढ़ा सिरदर्द
अभी तक पंचायत स्तर पर भर्ती के निर्देश हैं। इसके लिए प्रत्येक पंचायत क्षेत्र में तीन-तीन सहायक का चयन किया जाएगा। इसमें सम्बंधित पंचायत का निवासी व बारहवीं उत्तीर्ण अभ्यर्थी अनिवार्य है। इसके अलावा साक्षात्कार के लिए वरीयता सूची बनाने के स्पष्ट निर्देश नहीं हैं। ऐसे में संस्था प्रधानों का सिरदर्द बढ़ रहा है।
बैठक में दिए दिशा-निर्देश
जिले में ग्राम पंचायत सहायकों की भर्ती संबंध में पीईईओ की बैठक मंगलवार को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय नवीन भवन में हुई। बैठक में सरकार की ओर से जारी दिशा-निर्देशों तथा उचय प्रक्रिया के बारे में जिला शिक्षा अधिकारी नवनीत व्यास व अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी भंवरसिंह ने विस्तृत जानकारी दी। बैठक में 155 पीईईओ तथा ब्लॉक शिक्षा अधिकारी मौजूद थे। इस अवसर पर आनंदराज आर्य, अजय माथुर, प्रधानाचार्य हीरालाल माली आदि मौजूद थे।
भर्ती में प्राथमिकता की मांग
ग्राम पंचायत सहायक भर्ती में जिले के प्रेरकों को प्राथमिकता देने को लेकर राजस्थान जिला प्रेरक संघ के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा। यह जानकारी जिलाध्यक्ष रावाराम चौधरी ने दी।
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