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गांधीपार्क बना पार्किंग स्थल, कबाड़ हो रहे वाहन

sधीमी चाल: निर्णय के बावजूद नहीं खरीदी गुल्ली मशीन

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sirohi

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आबूरोड. नगरपालिका की ओर से लाखों की लागत से खरीदे वाहन इन दिनों गांधीपार्क की शोभा बढ़ा रहे हैं, वहीं सफाई के लिए आवश्यक मशीनों के अभाव में निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है। पूर्व में हुई बैठकों में कई बार इस सम्बंध में पार्षदों की मांग पर बैठकों में निर्णय भी किए लेकिन अब तक वाहन नहीं खरीदे गए हैं। नतीजतन पालिका में गुल्ली मशीन नहीं होने से लोगों को निजी के लिए आठ से दस हजार रुपए चुकाने पड़ रहे हैं। वहीं जेसीबी-ट्रैक्टर आदि सफाई के लिए आवश्यक वाहन नहीं होने से किराए पर लाए जाते हैं।
खराब हो रहे पुराने उपकरण
नगरपालिका की पुरानी गुल्ली एम्पीयर मशीन, जेसीबी व अन्य वाहन रखरखाव के अभाव में कबाड़ हो रहे हैं। इन वाहनों को भी डाक बंगला परिसर में ही रखा हुआ है। इससे बारिश व गर्मियों में इनके अधिक खराब होने की आशंका बनी हुई है। नगरपालिका उपाध्यक्ष ने भी पालिका प्रशासन को पत्र भेजकर नए वाहन खरीदने या पुराने वाहनों की मरम्मत करवाने की मांग की थी।
रोड स्वीपर मशीन का सीमित उपयोग
पालिका की ओर से मई में करीब २३.२५ लाख की लागत से खरीदी रोड स्वीपर मशीन का अब तक आधा दर्जन बार ही उपयोग किया गया। इसमें मुख्य मार्ग पर गौरवपथ, लुनियापुरा ब्रिज, रजवाड़ा पुल व मानपुर आदि चुनिंदा जगह हैं। मशीन का पेवर रोड पर ही उपयोग किया जा सकता है। शहर में पेवर रोड छह-सात किलोमीटर ही है। विभिन्न इलाकों की संकुचित व ऊबड़-खाबड़ सड़कों पर इसका उपयोग नहीं किया जा सकता है। स्वीपर मशीन, नालियों व क्रॉस की सफाई के लिए जेट मशीन, ऑटो टीपर व ऑटो लिफ्टर समेत पालिका के वाहनों के लिए ११ चालक प्लेसमेंट एजेंसी के जरिए कार्यरत हंै।
वाहन डिपो की कमी
पालिका चेयरमैन व ईओ की गाड़ी समेत सभी वाहनों के लिए वाहन डिपो की आवश्यकता होती है जहां इनका रखरखाव किया जा सके, लेकिन नगरपालिका के पास नहीं है, कमोबेश पालिका ने शहर के गांधीपार्क को ही वाहन डिपो बना लिया है। पार्क की देखरेख की बजाय पालिका की ओर से यहां वाहन खड़े कर हरियाली को उजाड़ बना दिया है। ऐसे में पार्क में कुछ पल चैन के बिताने के लिए आने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
&नगरपालिका की २-३ बैठकों में गुल्ली मशीन व अन्य आवश्यक वाहन खरीदने का निर्णय किया पर अमल नहीं हुआ। पालिका बोर्ड से अनुमति लिए बिना ही अन्य मशीनें खरीदी जा रही हैं।
- गणेश आचार्य, पालिका उपाध्यक्ष, आबूरोड
&ऑनलाइन पोर्टल पर अभी गुल्ली मशीन नहीं दर्शाई जा रही है। जैसे ही पोर्टल पर मशीन आएगी, उसे बुक करवा दिया जाएगा। अन्य मशीनों की खरीद भी प्रस्तावित है।
- सुरेश सिंदल, पालिकाध्यक्ष, आबूरोड