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डाक विभाग के पास पार्सल जांचने के उपकरण नहीं

डाक विभाग में नहीं हैं पार्सल जांच के उपकरण, सुरक्षा नियम दरकिनार

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डाक विभाग में नहीं हैं पार्सल जांच के उपकरण, सुरक्षा नियम दरकिनार
सिरोही. डाक विभाग के माध्यम से आने वाला हर पार्सल सुरक्षित है या नहीं इसका भरोसा करना बेमानी है। हालांकि केन्द्र सरकार ने डाक विभाग के लिए घातक सामग्री नहीं भेजने के नियम तो बनाए हैं लेकिन पालना के लिए पार्सल की जांच के लिए मेटल डिटेक्टर व अन्य संसाधन उपलब्ध नहीं करवा रखे हैं। ऐसे में डाक विभाग के कार्मिक मात्र संदिग्ध पार्सल खोलकर या नष्ट कर जांच करते हंै। केन्द्र सरकार ने ऐसी संदिग्ध सामग्री के संदर्भ में सख्त नियम बनाकर डाक विभाग को भेजे थे। इसमें विस्फोटक पदार्थ, धारदार हथियार या ज्वलनशील पदार्थ नहीं भेजना शामिल है लेकिन इनकी जांच को लेकर उपकरण उपलब्ध नहीं करवाए हैं।
शक हो तो पैकेट खोलकर संतुष्टि
अधिकारियों का मानना है कि पार्सल भेजने वाला व्यक्ति कर्मचारियों को संतुष्ट कर देता है कि कोई घातक सामग्री नहीं है तो आसानी से पार्सल प्रेषित किया जा सकता है।
ऐसे में कोई ऐसी घातक सामग्री सामने आ भी जाए तो पार्सल खोलकर संतुष्टि को सुरक्षित माना जाता है। हालांकि विदेशी डाक भेजने के लिए उच्च स्तर पर जांच की व्यवस्था है लेकिन देशवासियों के लिए विभाग सख्त नहीं है।

गबन के मामले में रानीवाड़ा पोस्टमास्टर को हटाया
सिरोही. रानीवाड़ा (जालोर) डाकघर के पोस्टमास्टर द्वारा ६ लाख रुपए के गबन की जांच में प्रथम दृष्टया पुष्टि होने पर विभाग ने पद से हटा दिया। डाक अधीक्षक डीआर सुथार ने बताया कि रानीवाड़ा के पोस्ट मास्टर भगाराम कोली ने ६ लाख २२ हजार ६३३ रुपए सरकारी खाते में जमा करवाने की बजाय खर्च कर दिए। शिकायत पर विभाग ने जांच की तो गड़बड़ी सामने आई। इस पर उच्च अधिकारियों के निर्देश पर कोली को तुरंत हटा दिया।
&हर डाक का विशेष ध्यान रखा जाता है, संदिग्ध सामग्री की जांच यहीं होती है। मेटल डिटेक्टर या अन्य उपकरण नहीं हैं।
डीआर सुथार, डाक अधीक्षक, सिरोही