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आपके राशन कार्ड को लेकर आई ये बड़ी खबर, पढ़कर लगेगा जोरदार झटका

locationसिरोहीPublished: Jan 25, 2024 12:48:02 pm

Submitted by:

santosh

Ration Card Rajasthan: पात्र परिवार कभी रसद विभाग कार्यालय तो कई ई-मित्र पर जाकर बार-बार नाम जुड़वाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन उनको हर बार पोर्टल नहीं खुलने का कहकर लौटा दिया जाता है। पढ़ें ये बड़ी खबर-

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Ration Card Rajasthan: राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत सभी को खाद्य पाने का अधिकार तो है, लेकिन प्रदेश में 1 करोड़ 7 लाख 45 हजार 181 लोग इससे वंचित है। कारण है पिछले दो साल से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के तहत राशन कार्ड में नए सदस्यों के नाम नहीं जुड़ पाना और मृत व्यक्तियों के नाम नहीं कट पाना। ऐसे में लोग दो साल पुराने जुड़े सदस्यों के अनुपात से राशन सामग्री लेने को मजबूर है। पात्र परिवार कभी रसद विभाग कार्यालय तो कई ई-मित्र पर जाकर बार-बार नाम जुड़वाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन उनको हर बार पोर्टल नहीं खुलने का कहकर लौटा दिया जाता है। हालांकि, जो लोग खाद्य सुरक्षा योजना में शामिल नहीं है, उनके नाम राशन कार्ड में जुड़ भी रहे हैं और हटाए भी जा रहे हैं।

विवाह के बाद पत्नी का नाम भी नहीं जुड़ रहा
खाद्य सुरक्षा योजना में शामिल लोगों के बच्चों के साथ परिवार में विवाह के बाद आने वाली दुल्हन का नाम भी नहीं जुड़ नहीं रहा है। ऐसे में उसे योजना के लिए पात्र होने के बावजूद लाभ नहीं मिल पा रहा है। वे अन्य कई सरकारी योजनाओं से भी वंचित है। उधर, दो दशक से बीपीएल का सर्वे नहीं होने के कारण भी कई लोगों को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है।

इतने राशन कार्ड एनएफएसए में नहीं
प्रदेश में 1 करोड़ 6 लाख 7 हजार 23 राशन कार्ड एनएफएसए में नहीं है। उनके पोर्टल खुला होने के कारण नाम जुड़वाने के साथ कटवाने आदि के सभी कार्य पूरे हो रहे है। वैसे प्रदेश में एनएफएसए व सामान्य दोनों मिलाकर 2 करोड़ 13 लाख 52 हजार 204 राशन कार्ड है। जिनमें 8 करोड़ 15 लाख 77 हजार 593 लोग है। इनमें से एनएफएसए में 4 करोड़ 37 लाख 37 हजार 949 लोग है।

दस्तावेज बनाने में भी परेशानी
राशन कार्ड एक ऐसा माध्यम है, जिसके मार्फत कई दस्तावेज बनाए जाते हैं। राशन कार्ड में नाम नहीं जुडऩे के कारण लोग वे दस्तावेज भी नहीं बनवा पा रहे हैं। राशन कार्ड मूल निवास, जाति प्रमाण पत्र, ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र आदि बनवाने के उपयोग में आता है। आधार कार्ड बनवाने के लिए भी बच्चे का नाम राशन कार्ड में कई बार मांगा जाता है।

इतने है प्रदेश में एनएफएसए के राशन कार्ड
सिरोही: 178442
अजमेर: 412410
अलवर: 574763
बांसवाड़ा: 354876
बारां: 241154
बाड़मेर: 441802
भरतपुर: 353785
भीलवाड़ा: 411530
बीकानेर: 301451
बूंदी: 199597
चित्तौडगढ़़: 262398
चूरू: 305090
दौसा: 263011
धौलपुर: 188905
डूंगरपुर: 287226
गंगानगर: 317824
हनुमानगढ़: 252990
जयपुर: 766888
जैसलमेर: 102266
जालोर: 261736
झालावाड़: 278533
झुंझुनूं: 317025
जोधपुर: 506598
करौली: 289808
कोटा: 243409
नागौर: 568143
पाली: 313329
प्रतापगढ़: 181708
राजसमंद: 220833
सवाई माधोपुर: 215639
सीकर: 417578
टोंक: 249214
उदयपुर: 545220
कुल: 10745181

सरकार के स्तर का मामला
दो पोर्टल बंद होने से नए नाम नहीं जुड़ रहे है। यह मामला राज्य सरकार के स्तर का है। खाद्य सुरक्षा योजना में सरकार के निर्देश मिलने पर ही नाम जोडऩे आदि की कार्रवाई की जा सकेगी। –
—-सहीराम, प्रवर्तन निरीक्षक, रसद विभाग, सिरोही

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