
sirohi
आबूरोड. शहर समेत जिलेभर में अचानक शीतलहर बढ़ गई है। जिससे मनुष्य से लेकर पशु पक्षियों तक को परेशानी होने लगी है। मौसम के बदलाव होते ही हर कोई अपना अपना बचाव कर रहा है। कई स्थानों पर तो देर रात तक अलाव एक मात्र सहारा बनी हुई है। सर्द रात को शहर में कई लोग किसी न किसी के ओट के सहारे रात गुजारते देखा गया। सर्द मौसम आने के बाद भी प्रशासन ने रैन बसेरे का शुभारंभ नहीं किया गया है। ऐसे में लोगों को रात में खुले में सोना पड़ रहा है। हकीकत में निराश्रित रैन और बसेरे की तलाश में ठिठुरने को मजबूर है। गरीब व असहाय सड़क पर ही डेरा डाले हुये है। सर्दी के मौसम में बेसहारा व मानसिक रोगियों को ठंड से बचाने के लिये प्रशासन द्वारा रैन बसेरे खोले जाते है। लेकिन बसेरों में पूरे दिन ताला लटकने से गरीब आश्रय की तलाश में भटकते रहते है।
प्लेटफार्म व पेड के नीचे रात गुजारते है यात्री
शहर में आबूरोड रेलवे स्टेशन जालोर सिरोही के यात्रियों के लिए प्रमुख रेलवे स्टेशन है। ऐसे में यहां काफी यात्रियों का आना जाना रहता है। यहां रामजी मंदिर के पास पालिका की ओर से रैन बसेरे के लिए बैनर तो लगा दिया है, लेकिन अभी तक इसका शुभारंभ नहीं किया गया है। ऐसे में बेसहारा फुटपाथ, खाली भवनऔर यात्री रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म और पेड के नीचे रात काटने को मजबूर होते है।
एक दो दिन खोलेंगे बसैरे
सर्द मौसम बढ़ गया है, लोगो को कोई परेशानी नहीं हो इसके लिए एक दो दिन में रैन बसेरा खोल दिया जाएगा।
- सुरेश सिंदल पालिकाध्यक्ष आबूरोड।
२ दिन बाद मांगलिक कार्यो पर लगेगा ब्रेक
आबूरोड. शहर समेत जिलेभर में रविवार से विवाह समेत अन्य मांगलिक कार्यो पर रविवार से विराम लग जाएगा। एक माह तक कोई भी शुभ कार्य नहीं होगें। १६ दिसम्बर को सवेरे ९ बजकर ९ मीनट पर सूर्य गुरु की राशि धनु में प्रवेश करेगा। इसी के साथ मलमास शुरू होगा और शुभ कार्य थम जाएंगे। इसके बाद १४ जनवरी को सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के साथ मांगलिक कार्यो पर लगा ब्रेक हट जाएगा।
६३ दिन गूंजेगी शहनाईयां
ज्योतिषाचार्य अशोक एम पंडित ने बताया कि १५ जनवरी को साल का पहला सावा रहेगा। २०१९ में ६३ सावे हैं। १० फरवरी को बसंत पंचमी का अबूझ सावा रहेगा। १५ मार्च से मीन का मलमास शुरू होने के कारण एक माह तक मांगलिक कार्य बंद रहेंगे।
Published on:
14 Dec 2018 03:37 pm
बड़ी खबरें
View Allसिरोही
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
