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सिरोही. चिकित्सा विभाग पर अब आशा सहयोगिनी को 8 वीं और 10वीं पास करवाने का जिम्मा रहेगा। पढ़ाई के लिए खर्चा भी विभाग अपने स्तर पर ही करेगा। हालांकि आशा को यह कक्षाएं पास करने के लिए दो बार मौके दिए जाएंगे। इसके बावजूद यदि आशा फेल हो जाती है तो उसकी पढ़ाई पर खर्च सारा पैसा सरकार मानदेय से काटकर वसूल भी करेगी।
जानकारी के अनुसार चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए फील्ड में काम करने वाली आशा को विभाग अपने स्तर पर ही इन दोनों कक्षाओं की तैयारी करवाएगा। विभाग की इस योजना के तहत जिले की ऐसी 17 आशाओं का चयन आशा ज्योति कार्यक्रम में किया है। इनमें 10वीं में 10 तथा आठवीं में 7 आशा शामिल हैं। दोनों कक्षाओं में आशाओं का प्रवेश शुल्क, किताब व परीक्षा शुल्क तक का पुनर्भरण विभाग करेगा। जिले में कई ऐसी आशा सहयोगिनियां हैं जो आंगनबाड़ी क्षेत्र में नियमित अच्छा काम कर रही हैं। कम पढ़ी लिखी आशा सहयोगिनियों को उच्च शिक्षा से जोडऩे के लिए 8 वीं व 10वीं पास करवाने के लिए आर्थिक सहायता मुहैया करवाई जाएगी। इनका दाखिला ओपन नेशनल स्कूल में होगा ताकि पढ़ाई घर बैठे-बैठे कर सके।
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..तो कटेगा मानदेय
चयनित आशा को पहले प्रयास में 8 वीं या 10वीं परीक्षा पास करनी होगी। विभाग उसे केवल एक ही मौका देगा। यदि सफल नहीं होती है तो उसे दूसरी बार अपने खर्चे पर कक्षाएं पास करनी होंगी। यदि दोनों बार फेल हो जाती हैं तो सरकार अध्ययन पर खर्च राशि मानदेय में से छह माह के अंदर समान किस्त में काटेगी।
अक्टूबर में परीक्षा
आशा ज्योति कार्यक्रम में चयनित आशाओं के नाम आगे भिजवाए जा चुके हैं। अक्टूबर में होने वाली परीक्षा में जिले की 17 आशाएं बैठेंगी। इधर, विभाग को भी इंतजार है कि चयनित सभी आशाएं सफल हों। इसके लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
- डॉ. सुशील परमार,सीएमएचओ, सिरोही
Published on:
08 Sept 2018 10:17 am
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