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जावाल में धर्मशाला की जमीन पर बना दी दुकानें

शर्तों के उल्लंघन को लेकर तहसीलदार ने की आवंटन निरस्त करने की अनुशंसा

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सिरोही. जिले में सरकारी भूमि को लीज पर लेने के बाद शर्तों की पालना को लेकर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। लेकिन कार्रवाई को लेकर प्रशासन भी उदासीन बना हुआ है। ऐसे में शिक्षण संस्थानों व धर्मशाला के नाम सरकार के जमीन आवंटन कराकर उनका व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है। दरअसल, जिले में राजस्थान भू-राजस्व नियम 196 ३ के तहत स्कूल, कॉलेज, चिकित्सालय, धर्मशाला तथा सार्वजनिक उपयोग के अन्य भवन निर्माण को लेकर राजकीय कृषि भूमि का आवंटन किया हुआ है। ऐसे में इन भूमि का अन्य प्रयोजन उपयोग नहीं किया जा सकता है। लेकिन जिले में कई स्थानों पर आवंटित भूमि का अन्य प्रयोजन उपयोग किया जा रहा है। लेकिन जिला प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
पूर्व कलक्टर ने कराई थी जांच
जिले में आवंटित जमीनों में शर्तों के उल्लंघन को लेकर पूर्व जिला कलक्टर संदेश नायक ने जांच करने के निर्देश दिए थे। इसी के तहत आबूरोड में दानवाव मार्ग पर एक संस्थान को आवंटित १३ बीघा जमीन को सरकार के कब्जे में लिया गया था।
लेकिन कलक्टर के स्थानान्तरण के बाद दूसरे स्थानों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई और जांच पत्रावलियों को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।
जांच की, लेकिन कार्रवाई नहीं
क्षत्रिय घांची समाज विकास समिति को अगस्त २००० को जावाल में धर्मशाला निर्माण को लेकर सशर्त भूमि का आवंटन किया गया था। जिसमें शर्त संख्या-४ के अनुसार आवंटित भूमि बिना पूर्वानुमोदन के उप पट्टे नहीं किए जाने का प्रावधान था। आवंटित भूमि के सम्बंध में सिरोही नायब तहसीलदार की ओर से १८ अप्रेल २०१८ को मौका एवं रेकर्ड के अनुसार जांच की गई। जिसमें आवंटित भूमि पर १० दुकानें बनाकर किराया पर देना सामने आया। ऐसे में भूमि का व्यावसायिक उपयोग करते पाए जाने पर तहसीलदार ने आवंटन खारिज करने को लेकर जिला कलक्टर को अनुशंसा की गई। लेकिन जिला प्रशासन ने अब तक कोईकार्रवाई नहीं की।
यह है प्रावधान
नियमानुसार भूमि का जिस सार्वजनिक कार्य के लिए आवंटन किया जाता है, उसका उपयोग उसी कार्य में ही हो सकता है। यदि आवंटन शर्तों का उल्लंघन किया जाता है तो जांच कर नियमानुसार कार्रवाई का प्रावधान है। जिसके तहत उस भूमि को फिर से उसमें किए गए निर्माण सहित सरकार के कब्जे में ले लिया जाता है।
&आवंटन शर्तों का उल्लंघन होने पर नियमानुसार कार्रवाई कर सम्बंधित भूमि सरकार के कब्जे में लेने का प्रावधान है। जावाल वाले मामले में जांच चल रही है। आवंटन की मूल पत्रावली को तलब किया गया है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-आशाराम डूडी, अतिरिक्त जिला कलक्टर, सिरोही