साहब! उधारी में यह व्यवस्था आखिर कितनी लंबी चल सकेगी?

सिरोही. सरकार बड़े पैमाने पर योजनाएं तो शुरू कर देती है पर प्रभावी मॉनिटरिंग नहीं होने के कारण दम तोडऩे के कगार पर पहुंच जाती हैं।

By: Bharat kumar prajapat

Updated: 01 Mar 2020, 10:04 AM IST

भरतकुमार प्रजापत
सिरोही. सरकार बड़े पैमाने पर योजनाएं तो शुरू कर देती है पर प्रभावी मॉनिटरिंग नहीं होने के कारण दम तोडऩे के कगार पर पहुंच जाती हैं। जिले के सरकारी स्कूलों में जोर-शोर से प्रारंभ की गई पोषाहार व्यवस्था इन दिनों बिगड़ी हुई है। पिछले करीब आठ माह से मिड-डे-मील और अन्नपूर्णा दूध योजना का बजट नहीं मिलने से शिक्षकों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अधिकांश स्कूलों में शिक्षक जेब से पोषाहार पका रहे हैं। हालांकि मिड-डे-मील आयुक्तालय ने बजट जारी कर दिया है लेकिन बिल ट्रेजरी में अटके होने के कारण पोषाहार और दूध की राशि अब तक स्कूलों के खातों में नहीं पहुंची है।

निरीक्षण पर सवाल
पत्रिका पड़ताल में यह बात सामने आई है कि जिम्मेदारों की लापरवाही के कारण यह निराशाजनक स्थिति बनी हुई है। अधिकारी शहर के आस-पास के विद्यालयों में निरीक्षण के नाम पर आंकड़ों की रिपोर्ट बनाकर इतिश्री कर लेते हैं। भुगतान को लेकर ज्यादा कुछ कहने को तैयार ही नहीं हैं। उनका जवाब बस यही रहता है कि बिल भेज दिया है। ऐसे में अनाज, दूध व सब्जी के विक्रेता भुगतान के लिए स्कूलों के चक्कर लगा रहे हंै। कहीं स्कूल के शिक्षकों को जेब से भुगतान कर व्यवस्था करनी पड़ रही है। उधारी में यह व्यवस्था कितनी लंबी चल सकेगी? इसका अनुमान लगाया जा सकता है। कई विद्यालयों में अन्नपूर्णा दूध योजना के तहत भुगतान जुलाई-अगस्त 2019 से बकाया है। विभागीय जिम्मेदार यह मानते हैं कि बजट के अभाव में योजनाएं गलफांस बनती जा रही हैं।

ये हंै प्रावधान
-मुख्यमंत्री अन्नपूर्णा दूध योजना के अंतर्गत कक्षा एक से आठ तक के छात्र छात्राओं को दूध का वितरण किया जाता है।
- कक्षा एक से पांचवीं तक के विद्यार्थियों को 150 व कक्षा छह से आठवीं तक के विद्यार्थियों को 200 एमएल दूध दिया जाता है।
- मदरसों, मॉडल स्कूल में अध्ययनरत छात्रों को भी दूध दिया जाता है। इसका बजट शिक्षा विभाग की ओर से विद्यालयों के खातों में जमा किया जाता है।
- दूध का भुगतान प्रति लीटर 37 रुपए ग्रामीण व 42 रुपए शहरी के अनुसार किया जाता है।

अधिकारी कहिन...
- सिरोही के मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी भबूतमल मेघवाल ने बताया कि मिड-डे-मील व दूध के भुगतान के बिल टे्रजरी भेज दिए हैं। मिड-डे-मील का दिसम्बर से व दूध का अगस्त से बिल बकाया है। दो-तीन दिन में भुगतान हो जाएगा।
- पिण्डवाड़ा के मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी भंवरलाल पुरोहित ने बताया कि अन्नपूर्णा योजना का सितम्बर व मिड-डे-मिल का बिल दिसम्बर तक तक हो गया है।
- आबूरोड के मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी दलपतराज पुरोहित ने बताया कि मिड-डे-मिल का अक्टूबर तक व अन्नपूर्णा योजना का भुगतान जुलाई तक सभी स्कूलों को दे दिया है।
- शिवगंज की मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी इन्द्रा वर्मा ने बताया कि दूध का अगस्त तक व मिड-डे-मील का भुगतान दिसम्बर तक हो गया है। बजट हम हर महीने मांग कर रहे हैं।


इन्होंने बताया...
हमारे यहां से मिड-डे-मील व दूध योजना का भुगतान सभी ब्लॉकों को भेज दिया है। ट्रेजरी में सीलिंग लगी हुई है। इस कारण स्कूलों में भुगतान अब तक नहीं पहुंचा है।
- गंगा कलावंत, जिला शिक्षा अधिकारी, सिरोही

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