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Success Story: आसमां में उड़ान भर रही आदिवासी क्षेत्र की बेटी टीना, पायलट से बनी कैप्टन; जानिए सफलता की कहानी

आज टीना देश की सबसे बड़ी एयरलाइंस एयर इंडिया में करीब आठ साल से कैप्टन पद पर कार्यरत है। वह प्रमुख एयरक्राट में से एक बोइंग ट्रिपल 7 विमान भी उड़ा चुकी है।

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teena singhal pilot

गिरीश शर्मा/आबूरोड। सिरोही जिले के जनजाति क्षेत्र आबूरोड शहर की बेटी टीना सिंघल आज आसमान में उड़ान भर रही है। टीना का बचपन से ही पायलट बनकर आसमान में उड़ान भरने का सपना था। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए वह एक सैनिक की तरह जुट गई। कड़ी मेहनत और समर्पण के दम पर उसने पायलट बनकर अपने सपने को साकार किया।

आज टीना देश की सबसे बड़ी एयरलाइंस एयर इंडिया में करीब आठ साल से कैप्टन पद पर कार्यरत है। वह प्रमुख एयरक्राट में से एक बोइंग ट्रिपल 7 विमान भी उड़ा चुकी है। उसे 4 हजार 500 घंटे विमान उड़ाने का अनुभव है। वर्ष 2015 में स्पाइसजेट एयरलाइंस से अपने कॅरियर की शुरुआत करने वाली टीना अंतरराष्ट्रीय कराटे चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी है। उन्हें डांस और पेंटिंग का भी शौक है।

वर्ल्ड लाइनर विमान की उड़ान भरी

टीना का कहना है कि उसे बोइंग ट्रिपल 7 विमान जो वर्ल्ड लाइनर के नाम से जाना जाता है, उसे उड़ाने का अवसर मिला। इनकी संख्या बहुत कम है। एयरबस के आने से पहले यह ऐसा जेबो विमान था, जो बिना रूके एक प्वाइंट से दूसरे प्वाइंट तक लाइट करता था। यह लाइट 14 से 16 घंटे की होती है। इस विमान को उड़ाने के लिए पूरी तरह मेडिकली फिट रहना जरूरी है।

पायलट की जिंदगी चुनौतीपूर्ण

टीना बताती है कि पायलट की जिंदगी काफी संघर्ष और चुनौतियों से भरी है। उसे न केवल विमान में बैठे यात्रियों की जान बचाने की जिम्मेदारी होती है, बल्कि अपने परिवार की देखभाल भी करनी होती है। साहसी पायलट की मेहनत और समर्पण से सुरक्षित यात्रा संभव होती है।

कराटे में किया भारत का प्रतिनिधित्व

टीना बचपन से ही पढ़ाई में अव्वल रही है। इसके अलावा उसने कराटे, पेंटिंग, डांस आदि गतिविधियों में भी उपलब्धियां प्राप्त की। कराटे में ब्लैक बेल्ट टीना ने वर्ष 2000 व 2002 में मलेशिया व टोक्यो में हुई कराटे चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व किया था। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा माउंट आबू और आगे की स्कूली पढ़ाई आबूरोड के स्कूल से प्राप्त की।

कोरोना महामारी में सेवाएं दी

कोरोना महामारी के दौरान लोग अपनी जान बचाने के लिए घरों में कैद होकर रह गए थे। उस समय टीना को भारत में दवाइयों व मेडिकल उपकरणों की पर्याप्त व्यवस्था बनाए रखने की महत्वपूर्ण जिमेदारी सौंपी गई। इसके लिए उसने हांगकांग तक उड़ान भरी। उसने निडरता के साथ जिमेदारी निभाई। साउथ अरेबियन देशों में डेपूटेशन पर रहते हज यात्रियों को सुरक्षित गंतव्य तक पहुंचाया।

महिलाओं में आसमां की ऊंचाइयों को नापने की क्षमता

टीना कहती है कि महिलाएं एविएशन सेक्टर में बेहिचक आएं। इसमें उनके लिए अवसरों की कमी नहीं है। आबूरोड टीएसपी क्षेत्र है, फिर भी यहां की बालिकाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, बस उनको प्रोत्साहित करने की जरूरत है। महिलाएं अपनी काबिलियत के दम पर आसमान की ऊंचाइयों को नाप सकती है। अगर आप कुछ अच्छा करना चाहते हैं तो डेडीकेशन बहुत जरूरी है। अपने कन्फर्ट जोन से बाहर आना होगा।

सिरोही-पाली जिले से पहली कॉमर्शियल पायलट

टीना का दावा है कि सिरोही-पाली जिले से वह पहली कॉमर्शियल पायलट है। उन्होंने पायलट का प्रशिक्षण अमेरिका से लिया। अपने कॅरियर की शुरुआत स्पाइसजेट एयरलाइंस से बतौर पायलट की। वर्तमान में वह देश की सबसे बड़ी एयरलाइंस एयर इंडिया में कैप्टन पद पर सेवारत है।