
सिरोही टांकरिया मोहल्ले में पड़ा कचरे का ढेर व मुंह मारते बेसहारा पशु।
सिरोही. स्वच्छता सर्वे की टीम जाने के बाद शहर की सूरत बदल गई है। जहां पहले सड़कें चकाचक थी। कचरा डस्टबिन में डाला जाता था। दिन और रात में साफ-सफाई होती थी, लेकिन अब न तो सड़क पर सफाई होते दिख रही है और न ही कोई समय पर कचरा उठाने वाला आ रहा है। इससे कचरा पात्र ओवर हो गए हैं। नालियों का पानी सड़क पर बह रहा है और परिषद के कई कर्मचारी अवकाश पर है। स्वच्छता सर्वेक्षण में बेहतर अंक लाने के लिए नगर परिषद ने सफाई कर्मियों से रात दिन काम कराया, फिर एक साथ सभी को अवकाश दे दिया। इधर होली का त्यौहार आने पर और समस्या बढ़ गई। इससे शहर की सफाई व्यवस्था चरमरा गई। ज्ञात रहे कि २६ दिन पहले स्वच्छता सर्वेक्षण २०१८ के लिए दिल्ली से टीम आई थी। टीम सदस्यों ने दो दिन तो परिषद की पत्रावलियों की जांच की तथा एक-दो दिन एक दो स्कूलों का निरीक्षण कर लौट गए। इसके बाद से परिषद की सफाई व्यवस्था चरमरा गई। इससे पहले पूरे २५ वार्डों में कर्मचारी तथा अधिकारी अलर्ट थे।
आधे से ज्यादा अवकाश पर
होली के कारण बीते तीन दिनों में लगभग ४० से ज्यादा कर्मचारी अवकाश पर रहे। इससे नियमित सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई
लगातार काम किया, अब अवकाश पर
सफाई व्यवस्था गड़बड़ाने के पीछे बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारियों के अवकाश पर जाने की बात सामने आई है। नगर नगर परिषद के अधिकारियों के मुताबिक सर्वेक्षण के दौरान कर्मचारियों ने लगातार काम किया। जरूरी काम होने पर भी उनकी छुट्टिया निरस्त कर दी गई। अब होली के कारण कर्मचारियों को अवकाश देना पड़ा। लिहाजा ऐसी स्थिति बनी।
खाली पड़े डस्टबिन
नगर परिषद की ओर से सफाई तरफ मुंह फेरते ही चौक-चौराहों पर लगे डस्टबिन गायब हो गए। लोगों ने भी सड़कों पर कचरा डालना शुरू कर दिया। सुनवारवाड़ा मोड पर तो यह समस्या रोजाना हो रही है। तीन चार दिनों में शहर में शायद सफाई नहीं होने जैसा प्रतीत हो रहा है। कई कचरा पात्र पड़े हैं तो कचरे से भरे दिखाई दिए।
सिरोही फाइल संख्या-०१
सर्वे टीम के जाते ही डस्टबिन गायब, सड़क पर कचरे के ढेर
- २६ दिन बाद बदली शहर की सूरत...
अंक लाने पहले खूब कराया काम फिर कर्मचारियों को दिया अवकाश
सिरोही. स्वच्छता सर्वे की टीम जाने के बाद नगर परिषद की सूरत बदल गई है। जहां पहले सड़के चकाचक थी। कचरा डस्टबिन में डाला जाता था। दिन और रात में साफ सफाई होती थी लेकिन अब न तो सड़क पर सफाई होते दिख रहर है और न ही कोई कचरा समय पर लेने वाला आ रहा है। इससे कचरा पात्र ओवर हो गए है। नालियों का पानी सड़क पर बह रहा है और परिषद के कई कर्मचारी अवकाश पर है। स्वच्छता सर्वेक्षण में बेहतर अंक लाने के लिए नगर परिषद ने सफाई कर्मियों से रात दिन काम कराया, फिर एक साथ सभी को अवकाश दे दिया, इधर होली का त्यौहार आने पर और समस्या बढ़ गई। इससे शहर की व्यवस्था चरमरा गई। ज्ञात रहे कि २६ दिन पहले स्वच्छता सर्वेक्षण २०१८ के लिए दिल्ली से टीम आई थी। टीम सदस्यों ने दो दिन तो परिषद की पत्रावलियों की जांच की तथा एक दो दिन एक दो स्कूलों का निरीक्षण कर लौट गए। इसके बाद से परिषद की सफाई व्यवस्था चरमरा गई। इससे पहले पूरे २५ वार्डो में कर्मचारी तथा अधिकारी अलर्ट थे।
खाली पड़े डस्टबिन
परिषद के सफाई तरफ मूंह फेरते ही चौक चौराहों पर लगे डस्टबिन गायब हो गए। लोगों ने भी सड़कों पर कचरा डालना शुरू कर दिया। सुनवारवाड़ा मोड पर तो यह समस्या रोजाना हो रही है। तीन चार दिनों में शहर में शायद सफाई नही होने जैसा प्रतिक हो रहाहै। कई कचरा पात्र पड़े है तो कचरें से भरे दिखाई दिए।
लगातार काम किया, अब अवकास
सफाई व्यवस्था गड़बड़ाने के पीछे बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारियों के अवकाश पर जाने की बात सामने आई है। नगर नगर परिषद के अधिकारियों के मुताबिक सर्वेक्षण के दौरान कर्मचारी लगातार काम किया जरूरी काम होने पर भी उनकी छुट्टिया निरस्त कर दी गई। अब होली के कारण कर्मचारियों को अवकाश देना पड़ा। लिहाजा ऐसी स्थिति बनी।
आधे से ज्यादा अवकाश पर
होली के कारण बीते तीन दिनों में लगभग ४० से ज्यादा कर्मचारी अवकाश पर रहे। इससे नियमित सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई।
फैक्ट फाईल
-परिषद में130 कर्मचारियों का है अलमा
-4 वाहनों से परिवहन किया जाता है कचरा
25 वार्डो में होता है सफाई कार्य
Updated on:
06 Mar 2018 10:39 am
Published on:
06 Mar 2018 10:36 am
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