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मलाईदार पोस्ट छोड़ महिला अधिकारिता विभाग चुना और अब महिलाओं को स्वावलंबी बनाना ही मुख्य मिशन

राजस्व वसूली का पद नहीं आया रास...

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अंकिता राजपुरोहित


राजू जाणी /सिरोही. सरकारी नौकरी में हर किसी की मलाईदार और रोबदार पोस्ट पाने की लालसा रहती है, लेकिन अंकिता राजपुरोहित ने महिला सशक्तीकरण की दिशा में कार्य करने के लिए मलाईदार पद का मोह त्याग दिया।
अंकिता राजपुरोहित मूलत: पाली जिले के फालना की निवासी है और फिलहाल महिला अधिकारिता विभाग में सहायक निदेशक के पद पर कार्यरत है। दरअसल, राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवाएं प्रतियोगी परीक्षा-२०१२ उत्तीर्ण करने पर राजपुरोहित का जूनियर वाणिज्यिक कर अधिकारी के पद चयन हुआ। हालांकि, उन्होंने जून-२०१६ में सुमेरपुर में इस पद पर कार्यभार भी ग्रहण कर लिया, लेकिन राजस्व वसूली का पद रास नहीं आया। वहीं समाज के लिए कुछ नया करने का जज्बा लिए फिर से राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवाएं प्रतियोगी परीक्षा-२०१३ दी। लेकिन इस बार महिला अधिकारिता विभाग में सहायक निदेशक के पद पर चयन हुआ।
ऐसे में अंकिता राजपुरोहित ने मलाईदार माने जाने वाले जेसीटीओ की नौकरी को छोड़ दिया और दिसम्बर २०१७ में महिला अधिकारिता विभाग सिरोही में बतौर सहायक निदेशक कार्यभार ग्रहण कर लिया। यहां पदभार संभालने के बाद ग्रामीण महिलाओं को रुढि़वादिता से बाहर निकालकर स्वावलंबी बनाने के लिए प्रयासरत है। इतना ही नहीं विभागीय साथिनों को प्रेरित कर ग्रामीण महिलाओं को घरेलू चार-दीवारी से बाहर निकालकर आत्मनिर्भर बनाने का ही मिशन बना लिया है। उनके प्रयास से ही गांव की महिलाएं व युवतियां न केवल व्यावसायिक प्रशिक्षण ले रही है, बल्कि स्वयं सहायता समूह बनाकर स्वावलम्बन की राह पर चलने के लिए आगे आने लगी है।
बकौल अंकिता 'मैं खुद एक महिला होने के नाते शुरू से ही महिलाओं के लिए कुछ करने की इच्छा थी। ऐसे में रेवन्यू कलेक्शन का विभाग पसंद नहीं आया। जिस पर दुबारा आरएएस की परीक्षा दी और महिला अधिकारिता विभाग में सहायक निदेशक के पद पर चयन हुआ तो मन में बेहद खुशी हुई। वहीं महिलाओं से जुड़कर खुद को गौरवांवित महसूस कर रही हूं और मुझे इस बात की खुशी है कि मैं महिला हितों की रक्षा के लिए काम कर रही हूं।Ó
इस दिशा में प्रयासरत
-महिला स्वयं सहायता समूह का गठन कर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास
-महिलाओं को व्यावसायिक गतिविधियों को जोडऩे का प्रयास
-महिलाओं को घरेलू हिंसा के कानूनी प्रावधानों के सम्बंध में जागरूक करना
होनहार छात्रा रही है अंकिता
अंकिता शुरू ही होनहार छात्रा रही है। वर्ष-२००५ में माध्यमिक परीक्षा ९१ फीसदी अंकों के साथ उत्तीर्ण की और पाली जिले में चतुर्थ व प्रदेश वरीयता में २५वां स्थान हासिल किया। वहीं वर्ष-२००७ में १२वीं कला वर्ग में ८३.२३ फीसदी अंक हासिल किए और प्रदेश स्तरीय वरीयता में २८वां स्थान प्राप्त किया।

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