
The loan approval letter may neglect to take heavy
प्रदेश की बैंकिंग लोकपाल श्रीमती माधवी शर्मा ने कहा कि कई बार लोग बैंक से ऋण तो ले लेते है, पर सम्बंधित बैंक से ऋण स्वीकृति का पत्र नहीं लेते। बाद में जब कभी ऋण की शर्तों के सिलसिले में विवाद पैदा हो जाता है तब लोकपाल से शिकायत की जाती है, लेकिन ऋण स्वीकृति पत्र के अभाव में उसकी शिकायत उचित होने के बावजूद उसकी शिकायत का निराकरण करना मुश्किल हो जाता है। वे गुरुवार को रीको इंडस्ट्रीयल एरिया स्थित एक होटल में पत्रकारों से बातचीत कर रही थीं।
उन्होंने बताया कि ऋण लेने वालों को ऋण स्वीकृति का पत्र अवश्य लेना चाहिए, ताकि विवाद पैदा होने पर उसकी समस्या के निराकरण में लोकपाल पूरी तरह से मददगार बन सके। बैंक जिन शर्तों पर ऋण प्रदान करता है, वे सारी शर्तें उस पत्र में लिखी रहती है। जिससे विवाद पैदी होने की स्थिति में उसकी समस्या का निराकरण करना आसान हो जाता है। उन्होंने बताया कि बैंक का खाता खुलवाते समय नामित व्यक्ति का नामांकन जरूर करवा लेना चाहिए, ताकि बाद में किसी तरह की दिक्कत का सामना नहीं करना पड़े। आवेदन पत्र में कोई कॉलम खाली भी नहीं छोडऩा चाहिए। पहचान एवं अन्य जरूरी दस्तावेज भी बैंक को जरूर मुहैया करवाने चाहिए। बैंक ग्राहकों से बैंककर्मियों के व्यवहार से सम्बंधित एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने बताया कि वैसे तो बैंककर्मियों के दुव्र्यवहार व भ्रष्टाचार से सम्बंधित लोकपाल के दायरे में नहीं आती, फिर भी कोई शिकायत करता है तो बैंक के सम्बंधित विभाग को भेज दी जाती है। अमूमन लोकपाल के मार्फत भेजी गई शिकायतों पर कार्रवाई होती ही है। किसी भी फोरम में विचाराधीन अथवा जिस शिकायत का फैसला दिया जा चुका है, ऐसी शिकायतों की सुनवाई नहीं की जाती। पहले बैंक स्तर पर ही शिकायत करनी होती है। एक माह में निराकरण नहीं होने या संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर लोकपाल को शिकायत की जानी चाहिए। शिकायक के सिलसिले में बैंक से हुए पत्राचार की कॉपियां जरूर जोड़ी जानी चाहिए। उन्होंने बताया कि बैंकिंग सेवा में कमियों से सम्बंधित शिकायतों के निवारण का यह उचित मंच है। जमाकर्ता, ऋणि व अन्य उपभोक्ता बेझिझक शिकायत कर सकते हैं। शिकायतों की उपलब्ध दस्तावेज व साक्ष्य के आधार पर जांच कर निराकरण किया जाता है। शिकायत खुद को या खुद की ओर से अधिकृत व्यक्ति को करनी चाहिए। अधिवक्ता के जरिए की जाने वाली शिकायतों की सुनवाई नहीं की जाती। ऑन द स्पॉट टेलीफोन पर भी शिकायत की जा सकती है। चेक जमा करवाने वालों को जहां चेक रिसीविंग मशीन का उपयोग करना चाहिए और उसकी पावती जरूर लेनी चाहिए। उन्होंने ग्राहकों को सलाह दी कि एटीएम का उपयोग करते समय एटीएम मशीन में अन्य कोई व्यक्ति मौजूद नहीं होना चाहिए। बाद में उन्होंने आबू मार्बल एसोसिएशन के सभागार में बैंकिंग सेवा में कमी के सिलसिले में जनसुनवाई भी की। साथ ही लोकपाल योजना के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
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