
सीतापुर आंख का अस्पताल- अभिनेत्री श्रीदेवी ने भी अपनी आंख का आपरेशन यहीं करवाया था
पत्रिका एक्सक्लूसिव
सीतापुर. सीतापुर आंख अस्पताल एशियाभर में प्रसिद्ध है। भारत के इस प्रमुख आंख के अस्पताल की स्थापना डॉक्टर महेश प्रसाद मेहरे ने 1926 में की थी। कभी आंखों का यह सबसे बड़ा अस्पताल था। आज इसकी पूरे देश में करीब 32 शाखाएं हैं। सीतापुर में 500 बेड का अस्पताल सिर्फ नेत्र रोगियों के लिए ही है। जबकि पूरे देश में सीतापुर नेत्र हास्पिटल में 1500 से अधिक बेड हैं। नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र में विभिन्न सरकारी व गैर सरकारी चिकित्सालयों जैसे चेन्नई के शंकर नेत्रालय, हैदराबाद के एलबी प्रसाद नेत्र चिकित्सालय, मदुरई के अरबिन्द आई हास्पिटल और चित्रकूट के सदगुरू नेत्र चिकित्सालय से भी इसकी ज्यादा ख्याति है। इस अस्पताल की इतनी ख्याति थी कि इस अस्पताल में देश के प्रथम प्रधानमंत्री पं. जवाहर लाल नेहरू,लाल बहादुर शास्त्री, श्रीमती इंदिरा गांधी और पूर्व राष्ट्रपति डॉ. राधाकृष्णन, श्री वीवी गिरी आदि आ चुके हैं।
डॉ. मेहरे ने रखी थी अस्पताल की नींव
पद्मभूषण और पद्मश्री अवार्ड से सम्मानित डॉ. महेश प्रसाद मेहरे नगर पालिका के अस्पताल में डॉक्टर थे। सरकारी सेवा से इस्तीफा देकर इन्होंने वर्ष 1926 में सीतापुर के खैराबाद कस्बे में एक छोटा सा क्लीनिक खोला। डॉ. मेहरे मूल रूप से इलाहाबाद के रहने वाले थे। जब यह काम शुरू कर रहे थे तब उनकी उम्र महज 26 साल की थी। उनका जन्म 1900 में हुआ था। उन्होंने सबसे कम उम्र में आंख अस्पताल की स्थापना की। क्लीनिक पर मरीजों को देखने के साथ ही वे तांगे पर सवार होकर गांवों में जाते और वहां कैंप लगाकरमरीजों का उपचार और ऑपरेशन करते। धीरे-धीरे इनके कार्य की ख्याति बाहर तक पहुंची। वर्ष 1945 में इन्हें महारानी एलिजाबेथ से कुछ दान मिला। इस राशि से जिला मुख्यालय पर 11.22 एकड़ भूमि में सीतापुर आंख अस्पताल की बाकायदा स्थापना की गयी। नेत्र सेवा के रूप में उनकी उपलब्धियों की चर्चा पूरे एशिया में फ़ैल गयी। इसके बाद तो विदेशों से भी मरीज आकर यहां अपना उपचार कराने लगे। तत्कालीन राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री भी इस अस्पताल का जायजा लेने यहां आये।
पीएम मोदी ने भी की सराहना
तकनीक बदलने के साथ ही सीतापुर का आंख अस्पताल अत्याधुनिक मशीनों और सुविधाओं से लैश होता गया। अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती हुई। अब यहां मोतियाबिंद से लेकर कार्निया प्रत्यारोपण और ग्लूकोमा तक का इलाज होता है। पिछले वित्तीय वर्ष में करीब सवा दो लाख मरीज यहां की ओपीडी में देखे गये। 27 हजार मरीजों की सर्जरी हुई। इन्हीं उपलब्धियों से प्रभावित होकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस अस्पताल की सराहना की। एक समय था जब मशहूर अभिनेत्री श्रीदेवी अपनी आंख का आपरेशन कराने इसी अस्पताल आयी थीं।
नेत्र रोग से जुड़े कई कोर्स भी संचालित
सीतापुर आंख अस्पताल में नेत्र रोगियों के उपचार के साथ ही नेत्र रोग से सम्बंधित कई कोर्स भी संचालित किए जाते हैं। आरआईओ सीतापुर के प्रोफेसर और वरिष्ठ नेत्र सर्जन डॉ. वीरेंद्र कुमार पाल बताते हैं कि सीतापुर आई हास्पिटल में नेत्र रोग से जुड़ी सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। यहां नेत्र रोग से जुड़े कई अद्यतन कोर्स भी संचालित किए जा रहे हैं।
Published on:
06 Sept 2019 02:03 pm
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