22 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

आदर्श बाल विद्यालय में मनाई गई मंगल पाण्डेय की 189वीं जयन्ती

स्थानीय सिविल लाइन्स स्थित श्रीमती कृष्णा देवी मेमोरियल आदर्ष बाल विद्यालय में वीरवर मंगल पाण्डेय की 189 वीं जयन्ती का आयोजन सादगी के साथ मनाया गया।

3 min read
Google source verification

image

Abhishek Gupta

Jul 19, 2016

Mangal Pandey

Mangal Pandey

सीतापुर.
स्थानीय सिविल लाइन्स स्थित श्रीमती कृष्णा देवी
मेमोरियल आदर्ष बाल विद्यालय में वीरवर मंगल पाण्डेय की 189 वीं जयन्ती का
आयोजन सादगी के साथ मनाया गया। समारोह के मुख्य अतिथि वरिष्ठ पत्रकार ज्ञान
प्रकाष सिंह ’प्रतीक’, विषिष्ठ अतिथि अवकाश प्राप्त अपर जिला बचत अधिकारी
विपिन चन्द्र वर्मा ’ष्याम जी’, प्रबन्ध समिति के अध्यक्ष अरूण त्रिवेदी,
षिक्षिका माया देवी पाल ने सर्वप्रथम मंगल पाण्डेय के चित्र पर पुष्पांजलि
अर्पित की। समारोह की अध्यक्षता निदेषक उदय प्रताप त्रिवेदी ’त्रिषूल’ ने
की।


मुख्य अतिथि ज्ञान प्रकाष सिंह ’प्रतीक’ ने वीरवर मंगल पाण्डेय के
व्यक्तित्व व कृतित्व पर प्रकाष डालते हुए कहा कि ’’वीरवर मंगल पाण्डेय का
जन्म 19 जुलाई सन् 1827 को फैजाबाद जिले के सुुरहरपुर नामक गांव में हुआ
था। आप के पिता का नाम दिवाकर पाण्डेय तथा माता का नाम अभयरानी बचपन से ही
मंगल पाण्डेय को महाभारत, रामायण की वीरता भरी कहानियां सुना कर उन्हें
निर्भय बनाती थी। आगे चल कर बैरकपुर में चैन्तीसवीं रेजीमेन्ट में लेखनायक
के पद पर मंगल पाण्डेय आसीन हुए। जब उन्हें यह ज्ञात हुआ कि बन्दूक में जो
कारतूस उपयोग करते है, उन पर गाय और सुअर की चर्बी लगायी जाती है। हिन्दू
और मुसलमान सैनिकों को उन कारतूसों को मुँह से खीचना होता है। धर्मवीर,
देशभक्त मंगल पाण्डेय का स्वाभिमान जाग उठा। उन्होंने अपनी बन्दूक भरी। एक
हाथ में बन्दूक दूसरे हाथ में नंगी तलवार ले कर परेड मैदान में आगे बढे़।
मेजर जनरल हयूसन और लेेफ्टीनेन्ट वाडू को अपनी गोली से धराशायी कर दिया।
परन्तु बाद में जनरल हिअरसी बैरकपुर के तमाम अंग्रेज सैनिकों को लेकर मंगल
पाण्डेय को घेर लिया। मंगल पाण्डेय ने अपनी बन्दूक की ने अपनी बन्दूक की
नली वक्षस्थल पर लगाकर अपने हाथों से अपने ऊपर गोली चला दी। घायल अवस्था
में अंग्रेजों ने उन्हें गिरफ्तार करके अदालत में उन पर केस चलाया।


उन्होंने बताया कि सैनिक अदालत ने 1857 की क्रान्ति के सर्वप्रथम महान
देशभक्त वीरवर मंगल पाण्डेय को मृत्युदण्ड देने का निर्णय सुनाया। इस
प्रकार 8 अप्रैल 1857 को बैरकपुर के फांसी गृह में कलकत्ता से खास जल्लाद
बुलाकर वीरवर मंगल पाण्डेय को फांसी दी गयी। महान देशभक्त मंगल पाण्डेय ने
हिन्दुतान को स्वतंत्रता दिलाने के लिए 1857 की क्रान्ति की बेदी पर अपना
सर्वप्रथम बलिदान देकर इतिहास में प्रथम अमरता प्राप्त करने का यश प्राप्त
किया।


अपने उद्बोधन में विषिष्ठ अतिथि ‘श्यामजी‘ ने कहा कि वास्तव में
स्वाधीनता संग्राम की वह प्रथम ऐसी चिंगारी थे, जिसने आगे चलकर भयंकर
ज्वाला का रूप धारण करके 90 वर्ष पश्चात हिन्दुस्तान में से अंग्रेजों की
हुकूमत को भस्मीभूत करके 1947 में स्वतंत्रता प्राप्त की। प्रबन्ध समिति के
अध्यक्ष अरूण त्रिवेदी ने अपेन विचार व्यक्त करते हुए कहा कि देष के लिए
अपने निजी स्वार्थ को त्यागने वाला देषभक्त सिपाही वीरवर मंगल पाण्डेय
प्रथम स्वतंत्रता संग्राम का प्रथम योद्धा बना।


अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में निदेशक उदय प्रताप त्रिवेदी ‘त्रिषूल‘ ने बताया
कि जब मंगल पाण्डेय को फांसी दे दी गयी तब से समस्त भारत की छावनियों में
जबर्दस्त विद्रोह प्रारम्भ हो गया। बैरकपुर के अलावा मेरठ, दिल्ली,
फिरोजपुर, लखनऊ, बनारस, कानपुर एवं फैजाबाद आदि स्थानों पर भारतीय सैनिकों
ने विद्रोह किया, जो 1857 ई0 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के नाम से
प्रसिद्ध हुआ। इस क्रान्ति का नेतृत्व बहादुर शाह जफर, नाना साहब, तात्या
टोपे, रानी लक्ष्मी बाई, राजा कु्वर सिंह, मौलवी लियाकत अली, बेगम जीनत महल
और बेगम हजरत महल जैसे रणबाकुरों ने अलग-अलग स्थानों पर किया।


इस संग्राम
का परिणाम यह हुआ कि भारत में ईस्ट इण्डिया कम्पनी का शासन सदैव के लिए
समाप्त हो गया। मंगल पाण्डेय का बलिदान भारतीय स्वाधीनता संग्राम के इतिहास
में स्वर्ण अक्षरों में लिखा जायेगा। शैलेन्द्री श्रीवास्तव ने भी श्रद्धा
सुमन अर्पित किये। इस अवसर पर छात्र सूरज त्रिवेदी, चंद्रप्रभा, पंकज,
सागर, अक्षत, समृद्धि पाल ने देषभक्ति से ओत-प्रोत गीत प्रस्तुत किये।
कार्यक्रम का संचालन आजाद भारत कांग्रेस के जिलाध्यक्ष इरफान खान ने किया।
धन्यवाद ज्ञापन कोषाध्यक्ष सुषील कुमार त्रिवेदी ने किया। इस अवसर पर षिरीष
श्रीवास्तव, पियूष श्रीवास्तव, समाज सेवी रूद्रनंदन अग्रवाल, सभासद आमोद
मिश्र, सन्तोष कुमार गुप्त ‘लल्लन‘, अनुराग श्रीवास्तव ‘सोबू‘ आदि गणमान्य
नागरिकों ने महान योद्धा वीरवर मंगल पाण्डेय को हार्दिक श्रद्धांजलि अर्पित
की।