अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में निदेशक उदय प्रताप त्रिवेदी ‘त्रिषूल‘ ने बताया
कि जब मंगल पाण्डेय को फांसी दे दी गयी तब से समस्त भारत की छावनियों में
जबर्दस्त विद्रोह प्रारम्भ हो गया। बैरकपुर के अलावा मेरठ, दिल्ली,
फिरोजपुर, लखनऊ, बनारस, कानपुर एवं फैजाबाद आदि स्थानों पर भारतीय सैनिकों
ने विद्रोह किया, जो 1857 ई0 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के नाम से
प्रसिद्ध हुआ। इस क्रान्ति का नेतृत्व बहादुर शाह जफर, नाना साहब, तात्या
टोपे, रानी लक्ष्मी बाई, राजा कु्वर सिंह, मौलवी लियाकत अली, बेगम जीनत महल
और बेगम हजरत महल जैसे रणबाकुरों ने अलग-अलग स्थानों पर किया।