
बेसिक शिक्षा विभाग के यह शिक्षक किए गये बर्खास्त, शासन की कार्रवाई से हड़कंप
रिपोर्ट: अभिषेक सिंह
सीतापुर. जालसाजी करके नौकरी हासिल करने वाले शिक्षकों की पोल अब एसआईटी ने खोल कर रख दी है। एसआईटी की जांच में सीतापुर में तैनात 10 शिक्षकों की डिग्रियां फर्जी पाई गई हैं। इस बड़े खुलासे के बाद शासन के निर्देश पर बीएसए अजय कुमार ने सीतापुर में तैनात 10 शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया है। बीएसए अजय कुमार का कहना है कि इस मामले में फर्जीवाड़ा करके नौकरी हासिल करने वाले शिक्षकों के खिलाफ वेतन रिकवरी और एफआईआर दर्ज करवाने के निर्देश जारी किए गए हैं। बीएसए अजय कुमार का कहना है कि यह सभी शिक्षक 2004-05 में अंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा से बीएड की फर्जी डिग्री हासिल कर शिक्षक की नौकरी को हासिल की थी। अब जांच में खुलासा होने पर सभी को बर्खास्त कर दिया गया है।
फर्जी डिग्री कर नौकरी हासिल करने वाले शिक्षक बर्खास्त
एसआईटी की जांच में यह खुलासा हुआ है कि फर्जी डिग्री हासिल करने वाले सभी शिक्षक लखीमपुर खीरी, आगरा, लखनऊ और हरियाणा के रहने वाले हैं और इन लोगों ने साल 2010 से 2015 के बीच जिले के विकासखंडों के प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक पद पर नौकरी हासिल की थी। प्रदेश में फर्जी अंकपत्र के सहारे नौकरी हासिल करने वाले शिक्षकों की खबर सबसे पहले मथुरा जनपद से सामने आई थी। उस समय सबसे ज्यादा फर्जीवाड़ा अम्बेडकर विश्वविद्यालय आगरा द्वारा दी गयी डिग्रियों में आया था। जिसके बाद प्रदेश सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच एसआईटी को सौंपी थी।
एसआईटी की जांच में खुलासा
एसआईटी की जांच में खुलासा होने के बाद सीतापुर जनपद में तैनात 10 शिक्षक फर्जी डिग्रियों के सहारे नौकरी करते पाए गए हैं। जिन्हें शासन द्वारा बर्खास्त करने के निर्देश दिए गए थे। इसी के परिणामस्वरूप बीएसए ने विकासखंडों में तैनात सभी 10 शिक्षकों को बर्खास्त कर वेतन रिकवरी के आदेश जारी किए हैं। बीएसए अजय कुमार का कहना है कि मामले में विकासखंडों पर तैनात शिक्षकों के खिलाफ खंडशिक्षा अधिकारी को एफआईआर दर्ज करवाने के भी निर्देश दिए हैं। जल्द ही इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी।
Published on:
01 Nov 2019 11:04 am
बड़ी खबरें
View Allसीतापुर
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
