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एक वर्ष बाद भी व्यापारियों में जीएसटी के खिलाफ आक्रोश

जीएसटी को बड़े व्यापारियों ने सराहा तो छोटे व्यापारियों में नाराजगी

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GST

एक वर्ष बाद भी व्यापारियों में जीएसटी के खिलाफ आक्रोश

सीतापुर. जिले सूबे में भाजपा सरकार आने के बाद सरकार ने एक देश एक कर देने की बात कही थी। उसी तर्ज पर सरकार ने जीएसटी बिल को मंजूरी दिलाकर पूरे प्रदेश और देश में सभी वस्तुओं पर एक ही टैक्स देने की योजना को लागू कराया था। जीएसटी को लागू हुए आज एक साल पूरा हो गया है।

इसके लागू होने के बाद तमाम विरोध के स्वर भी उभरे थे। व्यापारी संगठन द्वारा जगह-जगह आंदोलन किया गया और नारेबाजी कर हड़ताल भी की गई। लेकिन सरकार ने अपने फैसले पर कोई बदलाव नहीं किया। जीएसटी लागू होने के बाद बड़े व्यापारियों को तो ज्यादा नुकसान नहीं हुआ किंतु छोटे व्यापारियों को काफी हद तक नुकसान सहना पड़ा था।

इसके साथ ही जब व्यापारियों के आंदोलन के आगे सरकार ने घुटने नहीं टेके तो व्यापारियों का एक दल जीएसटी के पक्ष में खड़ा हो गया और सभी ने जीएसटी को स्वीकार किया। जीएसटी को लागू हुए आज एक साल पूरा हो गया लेकिन आज भी कुछ व्यापारी वर्ग जीएसटी लागू होने से नुकसान की बात कह रहा था तो कुछ व्यापारी इससे लाभप्रद भी बता रहे है।

वहीं छोटे व्यापारियों का कहना है कि जीएसटी लागू होने के बाद वकीलों का अतिरिक्त्त खर्च बढ़ गया है क्योंकि जीएसटी लागू होने के बाद व्यापरियों को तीन माह में उन्हें व्यापार का लेखा जोखा सबमिट करना होता है। जिसके कारण व्यापारियों को व्यापारियों को अतिरिक्त व्यस्तता भी और अधिक बढ़ गयी है। वहीं बड़े व्यापारियों को को प्रत्येक माह लेखा जोखा अकाउंटेंट के माध्यम देते है।

वहीं बड़े व्यापारियों का कहना है कि जीएसटी के आने के बाद जहां उपभोक्ताओं को फायदा पहुंचा है वही धीरे धीरे ही उनकी पूंजी भी एक नंबर में बढ़ती जा रही है जिससे टैक्स कंपनियों द्वारा किया जाने वाला शोषण खत्म हो गया है और छोटे व्यापारी का भी शोषण खत्म होता नजर आ रहा है।