
Yogi Adityanath
सीतापुर. मार्च 2017 में ही सूबे की सत्ता में बतौर सीएम के पद पर कार्यभार संभाल चुके सीएम योगी आदित्यनाथ को राजधानी के पड़ोसी जिले सीतापुर में बढ़ रहे अपराध शायद कभी नजर ही नहीं आये। कुछ इसीलिए पिछले दिनों राज्यपाल के सीएम को भेजे गये पत्र के बाद सीएम ने सीतापुर में बढ़ रहे अपराधों की बात मानी और गृह विभाग को जाँच सौंपे जाने की जानकारी वापस राज्यपाल को भेजे गये पत्र के माध्यम से बताई।
योगी सरकार अपराधियों के एनकाउंटर कर कानून का राज स्थापित करने का भरसक प्रयास कर रही है, लेकिन हालात आये दिन उनकी कानून व्यवस्था पर नित नए सवाल ही खड़े कर देते हैं। पिछले दिनों का बीएचयू कांड हो या फिर सीतापुर, मथुरा, सहारनपुर कांड। सभी जगह अपराधी लगातार कानून व्यवस्था को चुनौती ही देते नजर आ रहे हैं।
बात सीतापुर की करें तो सीएम के एक पत्र ने सीतापुर की बिगड़ी कानून व्यवस्था की पूरी तरह से पोल खोल दी है, जिसमे उन्होंने राज्यपाल को यह बताते हुए साफ़ तौर पर लिखा कि जनपद सीतापुर के एक अपहरण के प्रकरण की जाँच हेतु गृह विभाग को कार्यवाही के लिए आदेश किया गया है। जाहिर है कि सीएम योगी खुद सीतापुर पुलिस को यहां के हरगांव प्रकरण में काफी असहज मान चुके हैं, जिसको लेकर खुद राज्यपाल ने पूर्व मंत्री जितिन प्रसाद के कार्यवाही किये जाने के पत्र को अपने पत्र के साथ भेजा था और उचित कार्यवाही की मांग की थी। सीएम के इस पत्र के सामने आने के बाद एक बार फिर सीतापुर पुलिस अधिकारियों पर गंभीर सवाल खड़े हो चुके हैं।
गम्भीर घटनाओं में नाकामी के बाद भी भरोसा बरकार!
जिले की कई गंभीर घटनाओं पर एक नजर दौड़ाएं तो हरगांव कांड के अलावा, सीतापुर तिहरा हत्याकांड, लहरपुर लूट कांड, महोली दम्पति हत्याकांड जैसे कई मामलों के होने के बावजूद पुलिस अधिकारियों का तबादला नहीं किया गया, जाहिर है कई जनपद में हुए तबादले के बावजूद सीतापुर के अधिकारियों पर सीएम का भरोसा बरकार है, जिसका परिणाम सबके सामने है।
Updated on:
30 Sept 2017 09:39 pm
Published on:
30 Sept 2017 09:39 pm
