
सरयू हुई बेकाबू, डूब जाएंगे 12 से ज्यादा गाँव
सरयू की बेकाबू लहरें तबाही की नई इबारत लिखने को बेताब हैं। रातों-रात 60 सेमी जलस्तर बढ़ने से सरयू का पानी खतरे के निशान 119 मीटर पर पहुंच गया है। लहरों ने दायरे के बाहर निकलकर आबादी का रुख कर लिया है इससे गांव वालों की समस्या बढ़ती हुई दिखा दे रही है।सरयू की तलहटी में बसे अखरी, अंगरौरा, अटौरा, शुकुलपुरवा, कनरखी, क्योंड़ा व कलुवापुरको अतिसंवेदनशील की श्रेणी में रखा गया है। इसे अलावा बगस्ती, टिकथा, सोहरिया, ग्वाहडीह, दहला व धौरहरा सहित 11 गांवो को संवेदनशील की श्रेणी में रखा गया है। अचानक बाढ़ का पानी तेजी से गांवों की ओर बढ़ते देख ग्रामीणों में हड़कंप मच गया है। ग्रामीणों ने सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करना शुरू कर दिया है। उधर, बृहस्पतिवार को 3 लाख 41 हजार 997 क्यूसेक पानी फिर छोड़ा गया है।
Flood In UP: यूपी में बाढ़ से 500 से ज्यादा गांव प्रभावित
प्रदेश में बाढ़ का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। वर्तमान में प्रदेश के 14 जिलों के 400 से अधिक गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। इन जिलों में लगभग 40,000 लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। बीते 24 घंटे में प्रदेश में 1.1 मिलीमीटर औसत वर्षा हुई है, जो सामान्य वर्षा 8.6 मिलीमीटर के सापेक्ष 12.8 प्रतिशत है।
इन बैराजों से छोड़ा गया पानी
शारदा बैराज- 1,53,584 क्यूसेक
घाघरा बैराज- 1,37,284 क्यूसेक
बनबसा बैराज- 51,129 क्यूसेक
हरियाणा के यमुना नगर स्थित हथिनीकुंड व राजस्थान के कोटा बैराज से चंबल में छोड़े जाने वाले पानी की वजह से अक्सर सिकरोड़ी, जुहीखा, हनुमान गढ़ी सहित बीहड़ के गांव ज्यादा प्रभावित हो जाते हैं। औरैया तहसील के पांच और अजीतमल क्षेत्र के 19 गांव इसमें शामिल हैं। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए दोनों तहसीलों के अधिकारी ज्यादा सतर्क हो गए हैं। यहां संभावित बाढ़ से प्रभावित होने वाले क्षेत्रों पर अधिकारी नजरें बनाए हैं।
Published on:
21 Jul 2023 01:07 pm
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