
सीतापुर. विश्व प्रसिद्ध 108 शक्तिपीठों में से एक मां ललिता देवी का मंदिर पौराणिक आध्यात्मिक देवस्थली नैमिषारण्य में स्तिथ है। देवी भागवत के अनुसार जब शोक संतृप्त देवादि देव भगवान शिव माँ सति के अपने पिता राजा दक्ष के यहां से अपमान क्षुब्द होकर यज्ञकुण्ड में शांत हुए और पार्थिव शरीर को लेकर इधर उधर भ्रमण करने लगे। तब सुदर्शन चक्र से भगवान विष्णु ने मां सती के शरीर के एक सौ आठ खंड किये थे वे सभी देवीं स्थान के रूप में विख्यात हुए नैमिष में माँ ललिता देवी उन्हीं एक सौ आठ दिव्य देवी पीठो में मुख्य पीठ है।
चैत्र अमावस्या के उपरांत प्रतिपदा से मां के नवरात्रि में इस आस्था और भक्ति के पुनीत अवसर पर मां की दिव्य छठा के नित नूतन दर्शन से माँ के भक्त लाभान्वित होते हैं। नैमिष स्थित ललिता देवी मंदिर में प्रतिदिन श्रद्धालुओ का आवागमन रहता है। वांसतीय नवरात्र और शारदीय नवरात्र में यहाँ लाखो की संख्या में माँ के भक्त जय माता दी के दिव्य जयकारो से माँ के दरवार में माथा टेकते है और अपनी मुरादे मागते है माँ ललिता के वर्णन में देवी पुराण, मत्स्य पुराण, स्कंध पुराण में माँ की दिव्य महिमा बतायी गयी है।
विशेषताएं
अभीष्ट फलदात्री माँ ललिता देवी के मंदिर में पुरे वर्ष श्रद्धालुओ का ताता लगा रहता है। इस मंदिर में पुजारी, साधू संत और श्रद्धालु दुर्गा सप्तशती का पाठ करते है उसके साथ मुंडन, अन्प्राशन आदि संस्कारों को कराने लोग यहां आते हैं।
दुर्गाष्टमी पर मेले में तब्दील हुए मंदिर प्रांगण, भक्तों की उमड़ी भारी भीड़
नवरात्रि के पावन मौके पर भक्तों ने दुर्गाष्टमी के दिन देवी भगवती के महागौरी स्वरूप का विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया गया। नगर के प्रसिद्ध संकटा देवी मंदिर पर हजारों भक्तों की भीड़ जुटी। भक्तों ने मुंडन, बेटियों की दिखाई जैसे मांगलिक कार्य सम्पन्न कराते हुए संकटा मां के दर्शन किए और मनौती का प्रसाद चढ़ाया।
नवरात्रि के अवसर पर क्षेत्र के हरदियापुरवा स्थित कालिका देवी मंदिर पर 15 दिवसीय मेले का आयोजन चल रहा है। क्षेत्रभर के दर्जनों स्थानों पर दुर्गा प्रतिमाएं स्थापित हैं, जहां सुबह-शाम भक्तों की भारी भीड़ जुटती है। हजारों लोग पूरे नवरात्र का उपवास कर देवी जी की कृपा प्राप्त करने का विधान कर रहे हैं। देवी मंदिरों पर सुबह चार बजे से ही भक्तों की भीड़ जुटनी शुरू हो जाती है। दुर्गाष्टमी के दिन क्षेत्रभर से आए सैकड़ौं परिवारों ने अपने पाल्यों का संकटा देवी मंदिर में मुंडन संस्कार सम्पन्न कराया। संकटा देवी मंदिर में कई जनपदों सहित क्षेत्रों से हजारों भक्तों के आगमन से मंदिर परिसर में पूरे दिन मेले सा दृश्य रहा।
शारदीय नवरात्र के अवसर पर तहसील क्षेत्र के दर्जनों स्थानों पर मां दुर्गा एवं गणेश जी, कार्तिकेय, सरस्वती जी, लक्ष्मी जी की सुंदर मूर्तियां स्थापित की गईं हैं। क्षेत्र की विभिन्न दुर्गा पूजन समारोह समितियों से जुड़े लोग पूजा पण्डालों में विधिवत वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मूर्तियों की स्थापना कर पूजन-अर्चन कर रहे हैं। शान्ति व्यवस्था के लिए अधिकारियों ने प्रभावी बन्दोंबस्त किया है। गुरूवार को पूरे दिन भोर से ही महामाई के भक्तों का मां संकटा देवी के दरबार में तांता लगा रहा।
Updated on:
29 Sept 2017 11:55 am
Published on:
29 Sept 2017 08:50 am
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