उन्होंने बताया कि 10 महाविधाओं में उग्र मां धूमावती का स्वरूप विधवा का है और कौआ उनका वाहन है। माता श्वेत वस्त्र धारण किये हुए हैं और उनके केश खुले हुए हैं, जो उनके रूप के उग्र दिखाता है। शनिवार को काले कपड़े में काले तिल माता को भेंट किये जाते हैं। परम्परा के अनुसार सुहागिन माताएं मां धूमावती की पूजा नहीं करती हैं, लेकिन अपने सुहाग की रक्षा के लिए दूर से मां धूमावती के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त करती हैं।