15 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

प्रवासी मजदूरों को अपने गांव में ही मिलेगा रोजगार, ग्रामीणों को मिलेगी आवारा पशुओं से मुक्ति

इन सभी शेड निर्माण पर आने वाले खर्च की धनराशि भी निर्धारित कर दी गयी है और जल्द से इसके निर्माण की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी।

less than 1 minute read
Google source verification
प्रवासी मजदूरों को आगे अपने गांवों में ही मिलेगा रोजगार, ग्रामीणों को मिलेगा आवारा पशुओं से मुक्ति

प्रवासी मजदूरों को आगे अपने गांवों में ही मिलेगा रोजगार, ग्रामीणों को मिलेगा आवारा पशुओं से मुक्ति

सीतापुर. कोरोना के दौरान बाहर से आये प्रवासी मजदूरों को अब रोजगार देने के लिए जिला प्रशासन ने एक योजना के तहत काम शुरू कर दिया है। गरीब कल्याण योजना के तहत प्रवासी मजदूरों का कल्याण करने के लिए जिले में पशु,गोट और पोल्ट्री शेड का निर्माण कराया जाएगा। इस योजना के तहत प्रवासी मजदूरों को चयन कर उन्हें रोजगार देने की कवायद शुरू कर दी गयी है। पशुपलान विभाग की देखरेख में होने वाले इस शेड निर्माण का लक्ष्य भी तय कर दिया गया है।


शेडों के निर्माण की धनराशि भी हुई आवंटित

इन सभी शेड निर्माण पर आने वाले खर्च की धनराशि भी निर्धारित कर दी गयी है और जल्द से इसके निर्माण की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी। गौरतलब है कि लॉकडाउन के दौरान दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और तेलंगाना आदि राज्यों से आये प्रवासी मजदूर सीतापुर आये थे। सीवीओ आर.पी. यादव का कहना है कि सभी उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारियों को पत्र भेजकर विकास खंडवार निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष पशु,गोट और पोल्ट्री शेड निर्माण कराने का निर्देश दिया गया हैं। सभी उप पशु चिकित्साधिकारियों ने भूमि चयनित और मजदूरों की चयन प्रक्रिया शुरू कर दी हैं।


आवारा पशुओं को मिलेगा बसेरा

सीतापुर में गरीब कल्याण योजना के तहत 158 पशु शेड निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। इन पशु शेड निर्माण में प्रवासी मजदूरों को रोजगार दिया जाएगा। सीवीओ के मुताबिक,इसके अलावा 10 पोल्ट्री शेड के निर्माण का भी लक्ष्य रखा गया हैं। सीवीओ का कहना हैं कि लाभार्थी चयन प्रक्रिया का कार्य शुरू कर दिया गया हैं और लाभार्थी चयन के बाद ही निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। उनका कहना हैं कि बकरी पालन करने वाले पशुपालकों के लिए भी 109 गोट शेड का निर्माण कराया जाएगा।