
उत्तर प्रदेश के सीतापुर में हुई पत्रकार हत्याकांड पर सांसद आनंद भदौरिया ने लोकसभा में आवाज उठाई। उन्होंने पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा देने और राघवेंद्र वाजपेयी की पत्नी को सरकारी नौकरी देने की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने राज्य की कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठाए और इस मामले की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग की।
लोकसभा के शून्यकाल में सपा सांसद आनंद भदौरिया ने कहा कि पत्रकार हत्याकांड की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और किसी निर्दोष व्यक्ति को फंसाया न जाए। उन्होंने बताया कि यह हत्या दिनदहाड़े राष्ट्रीय राजमार्ग पर की गई जिससे प्रदेश में कानून व्यवस्था की गंभीर स्थिति उजागर होती है। उन्होंने यह भी बताया कि मृतक पत्रकार के परिवार में उनके दो छोटे बच्चे और बीमार पिता हैं, जिनसे वे व्यक्तिगत रूप से मिले थे।
पुलिस की जांच अभी जारी है लेकिन अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। यह घटना 8 मार्च को सीतापुर के हेमपुर रेलवे ओवरब्रिज पर हुई जहां अज्ञात हमलावरों ने राघवेंद्र वाजपेयी को गोली मार दी। हत्या से पहले उन्हें एक फोन कॉल आई थी, जिसके बाद वे घर से निकले थे। घटनास्थल पर उनकी बाइक खड़ी मिली, जबकि उनका शव थोड़ी दूरी पर पाया गया। पुलिस इस सुराग की जांच कर रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस सफलता नहीं मिली है।
इस हत्याकांड ने राजनीतिक बहस भी छेड़ दी है। नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने योगी सरकार पर निशाना साधते हुए इसे 'जंगलराज' करार दिया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि पत्रकार राघवेंद्र वाजपेयी की हत्या दुखद और निंदनीय है। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में अपराधी शासन से अधिक ताकतवर हो चुके हैं। जब लोकतंत्र के चौथे स्तंभ यानी पत्रकारों पर सरेआम गोलियां चलाई जा सकती हैं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा की क्या उम्मीद की जा सकती है?
Updated on:
10 Mar 2025 02:18 pm
Published on:
10 Mar 2025 02:18 pm
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