
Sitapur Murder Case
Sitapur Murder Case: सीतापुर जिले के पल्हापुर सामूहिक हत्याकांड में बड़े भाई अजीत के कबूलनामे के बाद अब उसकी पत्नी विभा पर भी पुलिस का संदेह गहराता जा रहा है। सूत्रों के अनुसार वारदात से पहले अजीत की पत्नी विभा के बैंक खाते से मोटी रकम निकाली गई थी। पुलिस को आशंका है कि यह रकम हत्याकांड में शामिल अन्य बदमाशों को दी गई होगी।
सर्विलांस और दूसरे सबूतों के आधार पर वारदात वाली रात विभा की भी घटनास्थल पर मौजूदगी के संकेत मिले हैं। ऐसे में आशंका है कि हत्या की साजिश में वह भी शामिल हो सकती है। पुलिस ने अजीत सिंह के नाम पर दर्ज एक गाड़ी को भी कब्जे में लिया है। आशंका है कि घटना में उसका ही प्रयोग किया गया था।
14 मई की सुबह एसपी चक्रेश मिश्र एसटीएफ के एएसपी और एसओजी टीम के साथ गांव पहुंचे। साथ में अजीत सिंह भी था। दूसरे दिन भी क्राइम सीन को दोहराया गया। एक टीम परिवार की गोड़ेचा स्थित प्रॉपर्टी तक गई। वहां बनी दुकानों की जानकारी जुटाई।
अजीत की पत्नी विभा को लेकर एक टीम उसके सहजनी, महमूदाबाद स्थित आवास पर भी गई, जहां उससे करीब 45 मिनट तक पूछताछ हुई। वहां मिले अहम दस्तावेज के साथ टीम विभा को लेकर महमूदाबाद कोतवाली पहुंची, जहां दोपहर करीब एक बजे से देर रात 11 बजे तक अजीत और विभा से पूछताछ होती रही।
पुलिस 28 साल पहले हुए मर्डर केस को भी खंगाल रही है। अनुराग के पट्टीदार भरत सिंह की 1996 में हत्या हुई थी। अनुराग के पिता वीरेंद्र सिंह नामजद थे। साक्ष्यों के अभाव में वह बच गए थे। मंगलवार को एक उमेश सिंह नामक शख्स को एसओजी ने हिरासत में लिया। भरत उमेश सिंह के चाचा थे। उमेश के पिता ने ही वीरेंद्र सिंह को नामजद कराया था। इन दिनों से उमेश व अजीत में बन रही थी। अनुराग विरोध जताता था।
Updated on:
15 May 2024 09:00 am
Published on:
15 May 2024 08:34 am

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