2 फ़रवरी 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Sitapur Murder Case: 6 लोगों की हत्या में बड़ा खुलासा, शक के दायरे में आई अजीत की पत्नी 

Sitapur Murder Case: सीतापुर हत्याकांड में अब एक नया मोड़ सामने आया है, जिससे इस हत्याकांड की थ्योरी और उलझ गई है। पुलिस ने अब अजीत के साथ उसकी पत्नी विभा से भी पूछताछ शुरू कर दी है।

2 min read
Google source verification
Sitapur Murder Case

Sitapur Murder Case

Sitapur Murder Case: सीतापुर जिले के पल्हापुर सामूहिक हत्याकांड में बड़े भाई अजीत के कबूलनामे के बाद अब उसकी पत्नी विभा पर भी पुलिस का संदेह गहराता जा रहा है। सूत्रों के अनुसार वारदात से पहले अजीत की पत्नी विभा के बैंक खाते से मोटी रकम निकाली गई थी। पुलिस को आशंका है कि यह रकम हत्याकांड में शामिल अन्य बदमाशों को दी गई होगी।

Sitapur Murder Case में विभा के शामिल होने की आशंका

सर्विलांस और दूसरे सबूतों के आधार पर वारदात वाली रात विभा की भी घटनास्थल पर मौजूदगी के संकेत मिले हैं। ऐसे में आशंका है कि हत्या की साजिश में वह भी शामिल हो सकती है। पुलिस ने अजीत सिंह के नाम पर दर्ज एक गाड़ी को भी कब्जे में लिया है। आशंका है कि घटना में उसका ही प्रयोग किया गया था।

14 मई की सुबह एसपी चक्रेश मिश्र एसटीएफ के एएसपी और एसओजी टीम के साथ गांव पहुंचे। साथ में अजीत सिंह भी था। दूसरे दिन भी क्राइम सीन को दोहराया गया। एक टीम परिवार की गोड़ेचा स्थित प्रॉपर्टी तक गई। वहां बनी दुकानों की जानकारी जुटाई।

Sitapur Murder Case में अजीत और विभा से पूछताछ जारी

अजीत की पत्नी विभा को लेकर एक टीम उसके सहजनी, महमूदाबाद स्थित आवास पर भी गई, जहां उससे करीब 45 मिनट तक पूछताछ हुई। वहां मिले अहम दस्तावेज के साथ टीम विभा को लेकर महमूदाबाद कोतवाली पहुंची, जहां दोपहर करीब एक बजे से देर रात 11 बजे तक अजीत और विभा से पूछताछ होती रही।

यह भी पढ़ें: सीतापुर हत्याकांड में एक्शन, हिरासत में ताऊ, भाई-भाभी और दो नौकर

1996 के भरत सिंह मर्डर केस को भी खंगाल रही पुलिस

पुलिस 28 साल पहले हुए मर्डर केस को भी खंगाल रही है। अनुराग के पट्टीदार भरत सिंह की 1996 में हत्या हुई थी। अनुराग के पिता वीरेंद्र सिंह नामजद थे। साक्ष्यों के अभाव में वह बच गए थे। मंगलवार को एक उमेश सिंह नामक शख्स को एसओजी ने हिरासत में लिया। भरत उमेश सिंह के चाचा थे। उमेश के पिता ने ही वीरेंद्र सिंह को नामजद कराया था। इन दिनों से उमेश व अजीत में बन रही थी। अनुराग विरोध जताता था।

Story Loader