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सीतापुर. उत्तर प्रदेश में रेल हादसे थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। दरअसल सीतापुर में बीते 12 घंटे में दो ट्रैन हादसों ने हड़कंप मचा दिया। हालांकि इन दोनों ही हादसों में किसी के घायल होने की फिलहाल खबर नहीं है। खास बात यह है कि दोनों ही हादसे एक ही ट्रैक पर हुए और वह भी एक ही स्थान पर।
जानकारी हो कि पहला ट्रेन हादसा बीती रात पैसेंजर बालामऊ बुढ़वल का इंजन पटरी से उतरने से हुआ। यह हादसा शहर के बीचोबीच मालगोदाम के पीछे रेलवे ट्रैक पर हुआ। इसमें पैसेंजर ट्रेन का इंजन सीतापुर मालगोदाम के निकट पटरी से उतर गया। जिसके बाद आनन फानन में सभी रेलवे के अधिकारी मौके पर पहुंचे और काफी घंटों बाद इंजन को दुबारा पटरी पर लाये जाने का प्रयास किया जाता रहा। वहीं यात्रियों को इस दौरान काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
वहीं मंगलवार को सुबह सीतापुर में एक मालगाड़ी का इंजन पटरी से उतर गया। हालांकि इससे कोई बड़े नुकसान होने की जानकारी नहीं है। गौरतलब है कि इसी स्थान पर सोमवार रात को भी बालामऊ बुढ़वल ट्रेन का इंजन पटरी से उतर गया था। यह हादसा सीतापुर मालगोदाम के पास हुआ, जिसके बाद सभी रेलवे अधिकारी मौके पर पहुंच गए। हैरान करने वाली बात यह है कि 10 घंटे भी नहीं गुजरे थे कि मंगलवार की सुबह एक मालगाड़ी भी डिरेल हो गयी।
हालांकि इन हादसों में कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन सबसे हैरानी की बात तो ये है कि इसी लचर ट्रैक से सत्याग्रह एक्सप्रेस व जनसेवा एक्सप्रेस जैसी गाड़ियों समेत 6 ट्रेन गुजरी है और किस तरह का फिटनेस रेल अधिकारियों ने इस ट्रैक को दिया था जो फिर से ट्रेन डिरेल हो गयी। इन घटनाओं में रेल अधिकारियों की गैजिम्म्मेदारी साफ नजर आती है।
सितम्बर में यूपी में पांचवीं ट्रेन पटरी से उतरी
यूपी में एक महीने में ये 5वां रेल हादसा है। इससे पहले उत्तर प्रदेश में 19 अगस्त को मुज़फ्फरनगर के खतौली के पास बड़ा रेल हादसा हुआ था। इसके बाद 23 अगस्त को दूसरा हादसा औरैया के पास हुआ था। वहीं तीसरा हादसा 7 सितंबर को हुआ था, सोनभद्र जिले में हुआ थ। ऐसे में इस तरह की घटनाओं को रेलवे की बड़ी लापरवाही कही जा सकती है।
Published on:
19 Sept 2017 12:38 pm
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