
वज्रशल्क यानी पैंगोलिन (pangolin) बायोलॉजिकल नाम फोलिडोटा श्रेणी का एक स्तनधारी जीव
दरसअल, सोनभद्र के विकास खण्ड बभनी के घघरा के बाजार के दुकान में सोमवार की सुबह वज्रशल्क यानी पैंगोलिन (pangolin) बायोलॉजिकल नाम फोलिडोटा श्रेणी का एक स्तनधारी जीव पकड़ा गया। इसके शरीर पर केराटिन के बने शल्क (स्केल) नुमा संरचना होती है। जिससे यह अन्य प्राणियों से अपनी रक्षा करता है।
पैंगोलिन ऐसे शल्कों वाला अकेला ज्ञात स्तनधारी है।यह अफ़्रीका और एशिया में प्राकृतिक रूप से पाया जाता है। इसे भारत में सल्लू साँप भी कहते हैं। इनके निवास वाले वन शीघ्रता से काटे जा रहे हैं और अंधविश्वासी प्रथाओं के कारण इनका अक्सर शिकार भी किया जाता है। जिसकी वजह से पैंगोलिन की सभी जातिया अब संकटग्रस्त मानी जाती हैं और उन सब पर विलुप्ति का ख़तरा मंडरा रहा है।
बभनी वनक्षेत्रधिकारी अवधनारायण मिश्रा ने बताया कि पकड़े गया जीव पैंगोलिन घघरा के जंगल से सटे एक दुकान में घुस गया था। जिसे रेस्क्यू कर सकुशल पकड़ा गया। पकड़ने के बाद दिन भर उसे रेंज आफिस में रखा गया। पैंगोलिन को बजिया के जंगल में सोमवार की सांय खोतो महुआ अर्चना गुप्ता की मौजूदगी में छोड़ दिया गया।
Published on:
22 Mar 2023 10:02 am
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