कभी सूबे के सबसे शक्तिशाली परिवार यानि कमलापति त्रिपाठी के परिवार के सदस्यों की पसंदीदा रही, इस सीट को 2002 में बसपा ने हथिया लिया था, पर घोरावल विधानसभा बनने के बाद पहली बार सपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे रमेश दुबे ने इस सीट पर जीत दर्ज कर इसे सपा की झोली में डाल दिया। लेकिन इस बार उनकी राह कुछ मुश्किल लग रही है, क्योंकि बसपा के टिकट पर इलाके के जुझारू और कद्दावर ठाकुर नेता की पत्नी बीना सिंह के साथ ही इस सीट पर बीजेपी में शामिल हुए नेता अनिल मौर्य भी सपा का गणित गड़बड़ा सकते हैं।