कभी भाजपा का गढ़ माने जाने वाली रॉबर्टसगंज विधानसभा पर वर्ष 2002 के चुनाव में कमल मुरझाने के बाद सपा की साइकिल दौड़ी तो 2007 के चुनाव में हाथी की चिंघाड़ सुनाई दी, लेकिन 2012 में एक बार फिर पहली बार सक्रिय राजनीति में भाग्य आजमा रहे युवा अविनाश कुशवाहा ने साइकिल पर बैठ चुनावी जीत का आगाज किया और बसपा के रमेश सिंह पटेल को हराकर पहली बार विधानसभा पहुंचे।