28 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सावधान: इस नई बीमारी से लगातार हो रही है मौतें, पेसेंट चले जा रहे कोमा में

- दम तोड़ रहे है आदिवासी, वनवासी बाहुल्य क्षेत्र के निवासी  

2 min read
Google source verification
People Continue Dead from new Disease and gone Coma

- दम तोड़ रहे है आदिवासी, वनवासी बाहुल्य क्षेत्र के निवासी

सोनभद्र. नक्सल प्रभावित जनपद सोनभद्र में गम्भीर बीमारी से मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है, डॉक्टर इसे बुखार बता रहे हैं। इस रोग में रोगी बोल भी नहीं पा रहा है। यहां तक की कोमा में भी चला जा रहा है। लगता है जनपद में अज्ञात बीमारी की महामारी आ गई है। बीती रात दो लोगों की मौत की वजह भी बुखार बताया गया हालांकि परिजन सही समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाए और अस्पताल पहुंचने से पहले ही एक महिला चोपन स्वास्थ्य केंद्र में और एक किशोरी जिला अस्पताल में मृत अवस्था में पहुंची थी।

IMAGE CREDIT: patrika

यह जनपद सोनभद्र सूबे का आखिरी जिला है, इस जिले के सटा बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश की सीमा शुरू होती है, इस जिले को नक्सल प्रभावित घोषित किया गया है जनपद को सरकारी फंड भी खूब मिलते हैं, लेकिन आमजनता को किस हदतक लाभ मिलता है। ये आंकड़े ही बयां कर देते हैं स्वास्थ्य विभाग का ऐसा ही एक मामला आजकल जनपद में गम्भीर बीमारी या महामारी बना हुआ है, बीते दिन बभनी ब्लाक में दर्जन भर लोगों की मौत का मामला सामने आ चुका है। अब तक जिले में गम्भीर बीमारी से बीस दिनों में दो दर्जन से ज्यादा मौते बुखार से हो चुकी है रोज नए नए मामले सामने आ रहे हैं। बीती रात भी दो की मौत हो गई।

IMAGE CREDIT: patrika

वहीं जिले के चिकित्साधिकारी का कहना है अनपरा क्षेत्र के दो बच्चे और एक बच्चा चोपन क्षेत्र से आये है जिसमे एक बोल नहीं पा रहा है कोमा में है औरों का इलाज चल रहा है, गौर करने वाली बात है कि इस जिले में स्वास्थ्य विभाग की सेवा बेपटरी हो चुकी है गम्भीर बीमारी का प्रकोप बढ़ता जा रहा है लेकिन सही समय पर उपचार व इलाज न हो पाने के वजह से आदिवासी वन वासी बाहुल्य क्षेत्र में मौतों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग कैम्प जरूर कर रहा है लेकिन विभाग गाँवो में कभी स्वास्थ्य कैम्प नहीं करता ये भी एक सच है जब किसी बीमारी का प्रकोप बढ़ता है और मौत शुरू होती है तब जाकर विभाग जगता है।

input -जितेंद्र गुप्ता