सोनभद्र. केंद्र में भाजपा की सरकार बनने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2019 तक स्वच्छ भारत बनाने का लक्ष्य रखा जिसको लेकर सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में खुले में शौच मुक्त करने का अभियान चलाया तो अपनी इस कामयाबी को देखते हुए सूबे की सरकार ने सोनभद्र में पंचायती राज विभाग द्वारा वर्ष 2015-16 में गांवों में 1855 स्नानागारों के निर्माण के लिए धन आवंटित किया। लेकिन जिला पंचायत राज विभाग ने एक भी स्नानागार का निर्माण नहीं कराया जिससे एक बड़ा घोटाला सामने आया है।
यह स्नानागार वर्ष 2015 – 16 में जिले आठों ब्लॉक में चयनित हुए 14 ग्राम पंचायतों में 1855 स्नानागार 31983185 लाख की लागत से बनने थे जो नहीं बने। इसके लिए पंचायत राज विभाग ने ग्राम पंचायतों को पैसा रिलीज कर दिया लेकिन ज्यादातर स्नानागार नहीं बनाए गए और सरकारी धन का बंदरबाट कर लिया गया। वहीं लाभर्थियों का कहना है कि ग्राम प्रधान ने अधूरा निर्माण सामग्री ही दिए है तो कैसे स्नानागर को पूरा किया जाय जितना समान मिला उतना निर्माण कराया है कहा कि निर्माण सामग्री मांगने पर ग्राम प्रधान कहते है कि विभाग और पैसा देगा तो सामग्री मिलेगा। शिकायतकर्ता का कहना है कि देश को खुले में शौच मुक्त बनाने का प्रधानमंत्री का लक्ष्य है जिसको लेकर जिले के ओडीएफ गांवो में 1855 स्नानागर बनने लिए आये लेकिन पंचायत राज विभाग द्वारा इसके निर्माण में घोटाला किया गया। जिसकी शिकायत जिलाधिकारी से किया गया है । इस घोटाले पर जिला पंचायत राज विभाग का कहना है कि शिकायत मिली है जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने दो दिन पूर्व ही लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया था कि काम बोलता है। उनकी सरकार में सोनभद्र में हुए महा घोटाला उजागर होने के बाद ये स्पष्ट हो रहा है कि वाकई में उनका काम किस तरह बोलता है। पूर्ववर्ती अखिलेश यादव की सपा सरकार में हुए इस महाघोटाले के उजागर होने पर अब जांच कर कार्रवाई की बात तो की जा रही है लेकिन देखना होगा कि ये जांच वाकई होगी या केवल कोरम पूरा कर लीपापोती हो जाएगी।
By-Santosh Kumar