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छत्तीसगढ़ से वाराणसी पिकअप में जा रहे 50 लाख के गांजा को सोनभद्र पुलिस ने पकड़ा

सोनभद्र में राबर्ट्सगंज पुलिस ने अंतरप्रांतीय गांजा तस्कर गिरोह के दो तस्करो को गिरफ्तार किया है। पिकअप में छुपाकर छत्तीगढ़ से वाराणसी ले जाये जा रहे 50 लाख कीमत की तीन कुंटल अड़तीस किलो गांजा बरामद किया है।    

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मीडिया के सामने पकडे गए गांजा तस्करो और बरामद गांजा के मामले का खुलासा करते एसपी सोनभद्र डॉ यशवीर सिंह 

सोनभद्र में राबर्ट्सगंज पुलिस और एसओजी को बड़ी कामयाबी मिली है। मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले अंतरप्रांतीय गिरोह के दो गांजा तस्करो को टीम ने गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है । दोनो तस्करो के निशानदेही पर फर्जी नंबर प्लेट लगे एक पिकअप वाहन 335 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ है ।

एसपी ने किया अंतरप्रांतीय गांजा तस्कर गैंग का खुलासा

सोनभद्र पुलिस लाइन में मामले का खुलासा करते हुए एसपी डॉ यशवीर सिंह ने बताया कि रॉबर्ट्सगंज पुलिस व एसओजी टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि गलत नम्बर प्लेट लगाकर ( UP35ST -5758 ) पीकप से गांजा की तस्करी करने वाले अन्तरप्रान्तीय गैंग के लोग लोढ़ी टोल प्लाजा के पास मौजूद है। सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी करते हुए लोढ़ी टोल प्लाजा के पास पिकअप वाहन को पकड़ लिया और उसकी जांच की तो पिकअप में चालाक के सीट के पीछे बने गुप्त केबिन में छुपाकर रखे 73 बण्डल के रूप में 338 किलो गांजा बरामद हुआ। पिकअप सवार दो तस्करो को पुलिस टीम ने गिरफ्तार कर लिया।

छत्तीसगढ़ से वाराणसी जा रही थी गांजे की खेप


एसपी डॉ यशवीर सिंह ने बताया कि आरोपियों ने पूछताछ करने पर बताया कि यह गांजा उड़िसा में हम दोनो को चिन्टू हरिजन ने दिया था। वाराणसी में इस गांजे की खेप को चन्द्रमा राय को पहुंचना था। इसको पहुंचने के बदले चिन्टू हरिजन ने पचास हजार रूपये दिए थे। बरामद गांजे की कीमत अंतर्राष्ट्रीय बाजार में पचास लाख है।

फर्जी नंबर प्लेट लगे पिकअप वाहन से कर रहे थे तस्करी


एसपी ने खुलासा करते हुए बताया कि इस गाड़ी का असली नम्बर CG05D1806 है। जो पीरखान पुत्र गुलाब खान, निवासी निवासी उड़िसा के नाम से रजिस्टर्ड है। दोनों ने उड़िसा से छत्तीसगढ़ तक इस पीकप पर गाड़ी मालिक पीरखान, चिन्टू हरिजन व चन्द्रमा राय के बताये अनुसार पीकप पर कुटरचित नम्बर प्लेट OD10B6684 लगाकर चल रहे थे। छत्तीसगढ़ में फर्जी नम्बर प्लेट OD10B6684 को निकालकर फेक दिये और यूपी का फर्जी नम्बर प्लेट UP35ST5758 लगाकर आ रहे थे। इन्टरनेट से इन दोनों फर्जी रजिस्ट्रेशन नम्बरों का RC अपने मोबाइल में लेकर रख लिये थे। ताकि पुलिस कहीं पुछे तो RC दिखा सकें। गाड़ी के ढाले के अगले भाग में ड्राइवर सीट के पीछे एक बड़ी रैक बना रखी है जिसमें हम लोग गांजे के पैकेट छिपाकर रखते हैं।