
(चंडीगढ़,सोनीपत) : हरियाणा के सियासी चौटाला परिवार के दो खेमों में बंटने के बाद यह कयास जोर पकड रहा है कि इंडियन नेशनल लोकदल के प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला के बडे पुत्र अजय सिंह का खेमा नई पार्टी का गठन कर सकता है। इस कयास को इस खबर ने और हवा दी है कि दिल्ली में अजय सिंह के सांसद पुत्र दुष्यंत चौटाला ने केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार में राज्यमंत्री राव इन्द्रजीत सिंह से मुलाकात की है।
हालांकि पारिवारिक रार के बीच कुछ भाजपा नेताओं ने यह संकेत भी दिया था कि अजय सिंह चौटाला भाजपा में आ सकते हैं। जेबीटी टीचर्स भर्ती घोटाला मामले में दिल्ली स्थित सीबीआई अदालत द्वारा ओमप्रकाश चौटाला ओर उनके बडे पुत्र डाॅ अजय सिंह चौटाला को वर्ष 2013 में दस-दस साल के कारावास की सजा सुनाई थी। इसके तहत दोनों ही जेल में है। इससे पहले दोनों इंडियन नेशनल लोकदल का नेतृत्व कर रहे थे। सजा से पहले ओपी चौटाला ही हरियाणा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष थे।
ओपी चौटाला और अजय सिंह चौटाला के जेल जाने पर खेल संघों की राजनीति तक सीमित ओपी चौटाला के छोटे पुत्र अभय सिंह चौटाला को नेता प्रतिपक्ष बनाया गया। इसके बाद पार्टी की कमान अभय सिंह चौटाला के हाथ में है। अभय सिंह चौटाला द्वारा पार्टी को लगातार सक्रिय रखने से ओपी चौटाला प्रभावित हैं और कह रहे हैं कि पार्टी तो उनके जेल जाने के पहले से भी मजबूत हुई है।
ओपी चौटाला और अजय सिंह चौटाला के जेल जाने के बाद वर्ष 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में अजय सिंह चौटाला के पुत्र दुष्यंत चौटाला हिसार से लोकसभा के लिए चुने गए और उन्होंने अजय सिंह चौटाला की विरासत संभाली। अजय सिंह चौटाला के छोटे पुत्र दिग्विजय चौटाला ने छात्र संगठन इंडियन नेशनल स्टूडेंट्स आर्गेनाइजेशन का नेतृृत्व संभाला। अब अजय सिंह के ये दोनों पुत्र पार्टी में अभय सिंह चौटाला के बढते प्रभाव से चिंतित हैं। ओपी चौटाला भी अपने जेल जाने के बाद से पार्टी को मजबूत बनाए रखने की अभय चौटाला की योग्यता से प्रभावित हैं।
ऐसे में अजय सिंह चौटाला का परिवार अभय सिंह के परिवार के साथ प्रतिस्पर्धा में आ गया है। इसके चलते पिछले 7 अक्टूबर को गोहाना में देवीलाल जयंती पर आयोजित सम्मान दिवस रैली में अभय सिंह चौटाला की हूटिंग की गई। इस घटना को अनुशासनहीनता मानकर ओपी चौटाला ने पार्टी की युवा इकाई एवं छात्र इकाई इनसो को भंग कर इनके पुनर्गठन का रास्ता खोल दिया। बताया तो यह भी जा रहा है कि सांसद दुष्यंत चौटाला को नोटिस दिया गया है लेकिन इसकी अधिकृत पुष्टि नहीं हुई है। अब अजय सिंह खेमे के अगले कदम पर कयास लगाए जा रहे है। युवा इनेलो को भंग कर दुष्यंत चौटाला और इनसो को भंग कर दिग्विजय चौटाला के हाथ से नेतृृत्व छीन लिया गया है। हालांकि दिग्विजय चौटाला ने अपने दादा के अधिकार को चुनौती दी है और कहा है कि इनसो के संविधान के अनुसार उन्हें इनसो को भंग करने का अधिकार नहीं है।
Published on:
14 Oct 2018 08:49 pm
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