
पुत्तूर न्यायालय।
पुत्तूर (मेंगलूरु). लगभग 170 वर्ष पुराने पुत्तूर न्यायालय के इतिहास में नया मील का पत्थर जुड़ने जा रहा है। आनेमजलु क्षेत्र में हाईकोर्ट मॉडल पर तैयार भव्य न्यायालय परिसर का निर्माण पूरा हो चुका है। 31 जनवरी को इसका लोकार्पण होगा और इसके साथ ही शहर के मध्य भाग में संचालित सभी अदालतों को चरणबद्ध तरीके से यहां स्थानांतरित किया जाएगा।
पुत्तूर–उप्पिनंगडी राज्य राजमार्ग पर बन्नूर के समीप आनेमजलु क्षेत्र में यह चार मंजिला न्यायालय भवन हाईकोर्ट की तर्ज पर बनाया गया है। लाल और सफेद रंगों का संयोजन इसकी भव्यता को और बढ़ाता है। परिसर में 12 कोर्ट हॉल, पीपी और एपीपी हॉल, तीन जेल सेल, कॉन्फ्रेंस हॉल, अभिलेख कक्ष, बैंक और डाकघर जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
2018 में कांग्रेस–जेडीएस गठबंधन सरकार के दौरान इस परियोजना को मंजूरी मिली थी। पहले चरण में 25 करोड़ की लागत से दो मंजिला कोर्ट भवन और बार एसोसिएशन भवन बना। दूसरे चरण में 26.9 करोड़ की मंजूरी के साथ शेष भवन, अभिलेखागार और आधारभूत सुविधाएं विकसित की गईं। कुल 51.9 करोड़ रुपए की लागत से छह वर्षों में यह परिसर आकार ले पाया।
ब्रिटिश शासन काल में पुत्तूर में न्यायालय की स्थापना हुई थी। 1880 में गोपुर शैली का भवन बना, जो आज भी न्यायिक इतिहास का हिस्सा है। स्वतंत्रता के बाद नया परिसर नगर परिषद भवन के पास बना। ‘कोर्ट मैदान’ और ‘कोर्ट रोड’ आज भी इस विरासत की पहचान बने हुए हैं।
वर्तमान कोर्ट भवन में संचालित पांच न्यायालय और एक अतिरिक्त जिला न्यायालय को नए परिसर में स्थानांतरित किया जाएगा। इसके साथ ही पॉक्सो न्यायालय और अन्य जिला स्तर की अदालतें भी यहां कार्यरत होंगी।
लोक निर्माण विभाग अगले दो वर्षों तक इस परिसर का रखरखाव करेगा। सहायक कार्यकारी अभियंता राजेश राई ने बताया कि भव्य और सुंदर कोर्ट भवन अब न्यायिक कार्यों के लिए पूरी तरह तैयार है।
पुत्तूर का यह मेगा कोर्ट परिसर न्यायिक व्यवस्था को आधुनिक रूप देने के साथ ही शहर की गौरवशाली विरासत में नया अध्याय जोड़ेगा।
Updated on:
29 Jan 2026 09:32 pm
Published on:
29 Jan 2026 09:31 pm
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