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Ayurveda Medicine : 10 साल पुराना कमर दर्द हुआ छूमंतर! भरतपुर की इंद्रवती के लिए पंचकर्म बना वरदान

Ayurveda Medicine : आयुर्वेदिक उपचार और पंचकर्म चिकित्सा पद्धति से एक महिला को 10 साल पुराने कमर दर्द से राहत मिली है। यानि पंचकर्म बना वरदान और ऑपरेशन टला। ऐसा यूं संभव हुआ कि मुख्यमंत्री आयुष्मान योजना में जिला आयुर्वेद चिकित्सालय को शामिल किया गया। जिस वजह से इसका फ्री में इलाज होता है।

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Ayurveda Medicine 10-year-old back pain vanished Panchakarma proved a boon for Indravati of Bharatpur

जिला आयुर्वेद चिकित्सालय में मरीज से मिलती चिकित्सकों की टीम। फोटो पत्रिका

Ayurveda Medicine : आयुर्वेदिक उपचार और पंचकर्म चिकित्सा पद्धति से एक महिला को 10 साल पुराने कमर दर्द से राहत मिली है। भरतपुर शहर के कमला रोड निवासी इंद्रवती लंबे समय से कमर दर्द से परेशान थीं और कई जगह उपचार कराने के बावजूद उन्हें स्थाई राहत नहीं मिल पा रही थी।

इंद्रवती ने बताया कि लगातार कमर दर्द रहने के कारण उन्हें दिन में तीन-तीन बार दर्द निवारक दवाइयों का सेवन करना पड़ता था, फिर भी आराम नहीं मिल रहा था। जांच कराने पर डॉक्टरों ने उन्हें स्लिप डिस्क की समस्या बताई और ऑपरेशन कराने की सलाह दी। ऑपरेशन से बचने के लिए उन्होंने राजकीय जिला आयुर्वेद चिकित्सालय में उपचार लेने का निर्णय लिया। अस्पताल में उन्हें मुख्यमंत्री आयुष्मान योजना के तहत भर्ती कर पंचकर्म सेवा प्रकल्प में भरतपुर उपचार दिया गया।

रोगी को कराया गया कटिवस्ति उपचार

प्रधान चिकित्सक डॉ. चन्द्रप्रकाश दीक्षित ने बताया कि रोगी को कटिवस्ति उपचार कराया गया तथा सुबह नियमित योगाभ्यास और शाम को स्लिप डिस्क में लाभकारी औषधीय लेपों का उपयोग कराया गया। करीब पंद्रह दिन के उपचार के बाद रोगी को काफी आराम मिला और अब वह पूरी तरह स्वस्थ है। अब उन्हें दर्द निवारक दवाइयों का सेवन भी नहीं करना पड़ रहा है।

पंचकर्म चिकित्सा: विभिन्न रोगों के लिए अलग-अलग थैरेपी

डॉ. चन्द्रप्रकाश दीक्षित ने बताया कि पंचकर्म चिकित्सा के अंतर्गत विभिन्न रोगों के लिए अलग-अलग प्रकार की थैरेपी दी जाती है। कमर दर्द के लिए कटिवस्ति, स्पोंडिलाइटिस में ग्रीवा वस्ति, घुटनों के दर्द में जानु वस्ति, माइग्रेन और सिर के रोगों में शिरोवस्ति तथा शिरोधारा जैसी थैरेपी कराई जाती है।

इसके अलावा सर्वाइकल, फ्रोजन शोल्डर और साइटिका जैसे रोगों में भी पंचकर्म के विभिन्न प्रकल्पों और औषधीय लेपों से उपचार किया जा रहा है।

प्रतिदिन पहुंच रहे 200 मरीज

मुख्यमंत्री आयुष्मान योजना में जिला आयुर्वेद चिकित्सालय को शामिल किए जाने से रोगियों को पंचकर्म सहित कई सेवाओं का लाभ निःशुल्क मिल रहा है। योजना के तहत भर्ती रोगियों को उपचार के साथ रहने और भोजन की सुविधा भी मुफ्त उपलब्ध कराई जाती है।

अस्पताल में प्रतिदिन 200 से अधिक मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। भरतपुर के अलावा मथुरा, आगरा, धौलपुर, अलवर और अन्य जिलों से भी लोग यहां आकर आयुर्वेदिक उपचार का लाभ ले रहे हैं। डॉ. चन्द्रप्रकाश दीक्षित, प्रधान चिकित्सक राजकीय आयुर्वेद चिकित्सालय भरतपुर