हम सभी अपने बचपन को याद कर बहुत सी यादों में वापस जाकर उन्हीं लम्हों में जीना चाहते थे. वो भी क्या दिन हुआ करते थे, जब हम तितलियाँ पकड़ते थे, दादी नानी से पुरानी कहानियां सुना करते थे और जब वो सो जाया करतीं थीं तब किताबों में कॉमिक छुपा कर पढ़ा करते थे। जब ऐसे ही कॉमिक किरदारों के सीरियल टीवी पर आया करते थे तब हम कहना पीना भी भूल जाते थे। तकनीकी के इस ज़माने में आज हम उन दिनों को शायद भूल चुके हैं