
नई दिल्ली: पद्म अवार्ड्स का नाम लेते ही दिमाग में अमिताभ बच्चन , ऐश्वर्या राय , डॉ होमी जहांगीर भाभा, राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त जैसे लोगों का नाम आता है । हर साल कई लोगों को पद्म अवार्ड्स मिलते हैं लेकिन हमें सिर्फ चंद नाम याद रह जाते हैं । इस साल सरकार ने देश के unsung heroes जिन्होने समाज के गरीब तबके के लिए विशेष काम किया है, उन्हें सम्मानित करने का फैसला किया था । महेंद्र सिंह धोनी , संगीतकार इलैया राजा और पंकज आणवाणी को मिलाकर कुल 85 लोगों को इन अवार्ड्स से सम्मानित किया जाना है । आज होने वाली इस अवॉर्ड सेरेमनी में माननीय राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के साथ उपराष्ट्रपति श्री वेंकैया नायडू , प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके मंत्रिमंडल के सदस्य होंगे । आपको बता दें कि पद्म अवार्ड्स हर साल गणतंत्र दिवस पर घोषित होते हैं । आखिर कौन होते हैं वो लोग जो पदम पुरस्कारों को पाने के दावेदार बनते हैं । इन पुरस्कारों को पाने के बाद क्या जिंदगी में कोई फर्क आता है ऐसे कई सारे सवालों के जवाब मिलेेंगे हमारे इस आर्टिकल में । तो चलिए बताते हैं आपको पदम पुरस्कार की a b c d
1954 में हुई थी शुरूआत
पद्म पुरस्कारों की शुरूआत 1954 में हुई थी । भारत रत्न के बाद इन्हें देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान माना जाता है । कला, साहित्य, शिक्षा, उद्योग, विज्ञान, खेल, मेडिकल, समाज सेवा और पब्लिक अफेयर के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान करने पर भारत के नागरिकों को ये सम्मान दिया जाता है ।
3 कैटेगरीज में होते हैं अवार्ड्स
पद्म पुरस्कार 3 श्रेणियों में बांटे जाते हैं ।
पद्म विभूषण- अभूतपूर्व रूप से विशेष योगदान के लिए .
पद्म भूषण-उच्च स्तरीय विशेष सर्विसेज के लिए
पद्म श्री-विशेष सर्विस के लिए
इन पुरस्कारों में प्रेसीडेंट द्वारा साइन सर्टिफिकेट और Medallion मिलता है । पद्म पुरस्कारों के साथ किसी भी प्रकार का कैश प्राइज नहीं मिलता है । साथ ही इन पुरस्कारों के मिलने के बाद आप अपने नाम के आगे आपको मिले सम्मान को विशेषण की तरह नहीं यूज कर सकते । बस विशेष मौकों पर चाहें तो मिलने वाले Medallion को अपनी ड्रेस पर लगा सकते हैं ।
आमतौर पर पद्म पुरस्कार मृत्यु के बाद नहीं दिया जाता है । लेकिन यूनीक उपलब्धि होने पर ऐसा किया भी जा सकता है।
देश के सभी राज्यों और यूनियन टैरिटरीज से इन अवार्ड्स के लिए recommendation मंगाई जाती है ।
पद्म अवार्ड कमेटी के सामने हर राज्य और बाकी डिपार्टमेंट्स और मंत्रालयों से मिली रिकमेंडेशन को रखा जाता है । अवार्ड कमेटी की सिफारिश के आधार पर प्राइम मिनिस्टर और प्रेसीडेंट अवार्ड डिसाइड करते हैं ।
120 से ज्यादा पद्म अवार्ड्स एक साल में नहीं दिये जा सकते हैं ।
Updated on:
20 Mar 2018 03:04 pm
Published on:
20 Mar 2018 01:00 pm
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