ब्यावर. चांदमल मोदी राजकीय आयुर्वेद चिकित्सालय में क्षार सूत्र शल्य चिकित्सा कराने वाले मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। हर माह औसतन 15 से 20 मरीजों को रोग से मुक्ति मिलती है। क्षार सूत्र मरीजों के अलावा अन्य बीमारियों से पीडित मरीज भी यहां पर उपचार करवाने आते हैं। इसके चलते ओपीडी की संख्या में भी इजाफा हुआ है। चांदमल मोदी आयुर्वेद औषद्यालय में प्रतिदिन चालीस से पचास अर्श भंगदर से पीड़ित मरीज परामर्श लेने पहुंचते है। प्रतिमाह 25 से 30 रोगियों का ऑपरेशन किया जाता है। इसमें संपूर्ण राजस्थान से रोगी आकर यहां इलाज करवाते है। औषधालय में ऑपरेशन थियेटर सहित वार्ड की समुचित व्यवस्था होने से यहां पर आने वाले मरीजों को परेशानी भी नहीं होती। यहीं कारण है कि प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों से पीड़ित यहां पर उपचार करवाने पहुंच रहे है। वर्तमान में वार्ड के सभी बैड पर मरीज है। प्रभारी डॉ. पारस मल ने बताया कि अस्पताल में अब पंचकर्म चिकित्सा की सुविधा को भी आयुर्वेद विभाग की ओर से चयन किया गया है। इसमें सुविधाएं शुरू कर दी गई है। अन्य उपकरण आने के बाद सुविधाओं में और इजाफा होगा।
हार गए थे जगह-जगह उपचार करवा के
पाली जिले के बागावास गांव निवासी दिनेश सेन ने बताया कि अर्श भंगदर की परेशानी होने के बाद अलग-अलग स्थानों पर उपचार करवाया। उसे यह समस्या करीब छह साल से चल रही थी। पिछले कुछ समय से खून का रिसाव बढ गया था। शौच करने जाते तो उठने में भी तकलीफ होने लगी थी। इससे हिमोग्लोबिन भी सात ग्राम रह गया था। किसी की सलाह पर ब्यावर आकर शल्य चिकित्सा करवाई तो राहत मिली। दिनेश की शल्य चिकित्सा करने वाली टीम में डॉ. आशीष सोनी, कम्पाउंडर रवि रघुवंशी सहित अन्य स्टाफ शामिल रहा।
चांदमल मोदी आयुर्वेद औषधालय में बीते एक साल में दो हजार एक सौ बीस रोगी क्षारसूत्र चिकित्सा का उपचार ले चुके। इसमें 233 रोगी नए है। जबकि 1886 रोगी पुरातन है। औषधालय में औसत प्रतिदिन पचास रोगी अर्श भंगदर का उपचार करवाने आउटडोर में आते है।
पाइल्स की समस्या से दिनेश कई सालों से पीड़ित था। हिमोग्लोबिन भी सात ग्राम रह गया था। कई अस्पताल में उपचार करवाया लेकिन राहत नहीं मिली। यह दिव्यांग होने से खासे परेशान हो रहे थे। क्षार सूत्र से उपचार करने पर अब राहत मिली है। अब इनके स्वास्थ्य में सुधार है। हिमोग्लोबिन भी दस ग्राम हो गया है।
-डॉ. आशीष सोनी, क्षारसूत्र रोग विशेषज्ञ चांदमल मोदी आयुर्वेद औषधालय