
अरावली को प्रदूषित कर रहा है बंधवारी कचरा संयंत्र
गुडग़ांव. फरीदाबाद में पर्यावरण के प्रति संवेदनशील अरावली में कई कचरे के टीले उभर रहे हैं क्योंकि अक्रिय सामग्रियों -नगर निगम के अपशिष्ट प्रसंस्करण के उपोत्पाद-की डंपिंग अनियंत्रित हो रही है। यह क्षेत्र पंजाब भूमि संरक्षण अधिनियम के तहत संरक्षित है, जो वन्यजीव-समृद्ध क्षेत्र में सभी गैर-वन गतिविधियों को रोकता है।
ये उप-उत्पाद मंगर रोड पाली क्रशर जोन रोड, मानव रचना रोड, गुडग़ांव-फरीदाबाद रोड और अन्य क्षेत्रों में डंप पाए गए हैं। इस मामले में फरीदाबाद के जिला वन अधिकारी सुनील ढाका ने कहा कि हम जांच करेंगे और तदनुसार एमसीजी से वन भूमि से कचरा हटाने के लिए कहेंगे।
पर्यावरणविदों ने बताया कि बंधवारी कचरा संयंत्र अरावली को प्रदूषित कर रहा है और वन्यजीवों और आसपास के क्षेत्रों के निवासियों के लिए खतरा पैदा कर रहा है। अरावली में रेत या अन्य सामग्री डंप करने जैसी कोई भी गैर-वन गतिविधि की अनुमति नहीं है। लेकिन अपशिष्ट अवशेष अभी भी यहां डंप किया जा रहा है। बंधवारी में प्रतिदिन लगभग 2,000 टन नगरपालिका कचरा डंप किया जाता है। नागरिक अधिकारी अब तक लगभग 16.5 लाख मीट्रिक टन पुराने कचरे का ही उपचार कर पाए हैं। एक कार्यकर्ता विवेक कंबोज ने बताया कि अरावली में अपशिष्ट और लीचेट का डंपिंग निवासियों के स्वास्थ्य के लिए खतरा पैदा करता है क्योंकि पड़ोसी क्षेत्र अधिक ऊंचाई पर हैं, जिससे लीचेट कम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी फैल जाता है। यह वन्य जीवन को भी नष्ट कर रहा है। भले ही यह सिर्फ खाद का कचरा हो, इसे वन क्षेत्रों में डंप करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। इस मामले में एमसीजी के एक अधिकारी ने कहा कि बायोडिग्रेडेबल कचरा जंगल या मिट्टी को नुकसान नहीं पहुंचाता है। लेकिन हम इसकी जांच कराएंगे।
Published on:
30 Mar 2024 05:58 pm
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