
जागरुकता: फुटपाथ पर दुकान लगाना गैरकानूनी नहीं, संविधान प्रदत्त अधिकार है
अक्सर हमने देखा है की नगर निगम अधिकारी, पुलिसकर्मी और पक्की दूकान व्यापारी फुटपाथ पर सामान क़ानून का डर दिखा कर उन्हें व्यापार नहीं करने देते। उनका सामान ज़ब्त कर लिया जाता है, जुर्माना भी लगाया जाता है। लेकिन क्या आपको मालूम है की क़ानून उन फेरीवालों, फुटपाथ व्यापारियों को इस तरह व्यापार करने का कानूनन अधिकार प्रदान करता है? दअरसल, भारत में फुटपाथ (footpath) पर दुकान लगाना गैरकानूनी नहीं है। अनुच्छेद 19 (1)(छ) के अंतर्गत भारत का संविधान देश में फेरी वालों या आम आदमी को सड़क किनारे, फुटपाथ या संस्थान के आसपास व्यापार करने का अधिकार देता है। इस कानून के तहत आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्ति को फुटपाथ पर व्यवसाय करने से नहीं रोका जा सकता क्योंकि यह उसका मूल अधिकार है।
लेकिन ये शर्तें भी
संकरी सड़क, अनुच्छेद 19(6) में दर्ज खतरनाक वस्तु, विषाक्त औषधी, हथियार, मिलावटी खाद्य सामान या जनहानि वाली सामग्री का अनैतिक व्यापार करने पर रोक लगाई जा सकती है। हालांकि, फेरीवालों को निजी संस्थानों जैसे स्कूल, अस्पताल और कार्यालय आदि के आसपास व्यापार करने से नहीं रोका जा सकता।
Published on:
10 Nov 2020 07:53 pm
बड़ी खबरें
View Allखास खबर
ट्रेंडिंग
