छोटे-छोटे सपने, लेकिन यह सपने भी पूरे नहीं हो रहे हैं। सबसे बड़ी जिम्मेदारी परिवार को पालने की, वह भी किसी चुनौती से कम नहीं रही। केन्द्र सरकार भी हमारी मदद के लिए कुछ नहीं कर पा रही है, देश के रेलवे स्टेशन के कुलियों की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से उम्मीदें है, लेकिन उनका कहना है कि यह उम्मीद भी अब टूटती जा रही है।
भीलवाड़ा रेलवे स्टेशन
यह पीड़ा है भीलवाड़ा रेलवे स्टेशन पर कार्यरत कुली सीताराम वैष्णव, शैतानसिंह, लक्ष्मणदास, सुखदेव, राजू व गंगाराम की। इन सभी के बाजुओं पर रेलवे का बिल्ला नम्बर एक से लेकर छह तक बंधा है। भीलवाड़ा रेलवे स्टेशन पर उनसे बातचीत हुई तो उनका दर्द भी जुबां पर आ गया। वह बताते हैं कि रेलवे मीटर गेज से इलेक्टि्रक लाइन पर आ गया, लेकिन सारी दुनिया का बोझा उठाने के बावजूद कुली वहीं के वहीं है।
छह कुली और दो ट्रोली
सीताराम वैष्णव बताते हैं कि वह पैतीस साल से यहां कुली है, पहले कुल तीन कुली थे, गत पांच साल में कुली की संख्या बढ़ कर छह हो गई है। लेकिन कमाई खास नहीं है। इसके बावजूद सभी छह मिल कर आपस में काम करते बांट लेते हैं। यहां छह जनों के बीच भी महज दो ट्रोली है। वह भी अब टूटने लगी है।
बिल्ला नम्बर एक, फिर भी नहीं काम
कुली शैतानसिंह बताते हैं कि वह स्नातक की तैयारी कर रहा है, परिवार पालने के लिए वह कुली का काम भी कर रहा है, बिल्ला नम्बर भले ही एक है, लेकिन कमाई नाम मात्र की है। कई मौकों पर तो ढोहने के लिए सामान ही नहीं मिलता है, खाली हाथ ही जाना होता है। प्रधानमंत्री मोदी को उनकी पीड़ा सुननी चाहिए। कुली के लिए भी केन्द्र कल्याण योजना बनाएं।
कई बार जाते हैं खाली हाथ
कुली सुखदेव बताते हैं कि वह बीलिया से यहां आते हैं, एक दिन में सौ दो सौ रुपए की कमाई हो जाए, यही बड़ी बात है, कई बार तो बोवनी तक नहीं होती है। लक्ष्मण दास बताते हैं कि गिनती के ही मौके होते है जब एक दिन में चार सौ रुपए तक की कमाई होती है। कुछेक यात्री ही दरियादिल होते है। यहां अभी तक कुल दो ड्रेस ही मिली है।
रोलिंग बैगों ने छीनी मजदूरी
कुली गंगाराम व राजू का कहना है कि उन्हें का भी ओहदा रेलवे कर्मचारी के सामान होनी चाहिए, रोलिंग बैग व अटैची का प्रचलन बढ़ गया है, अधिकांश यात्री अपना सामान खुद ही लाते व ले जाते है। इससे उन्हें रोजगार नहीं मिल पा रहा है। कई यात्री तो पूरे पैसे भी नहीं देते है। उन्हें आराम के लिए यहां स्टेशन पर एक अच्छा रूम भी मिलना चाहिए।