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रिंग रोड: बेटे की पीड़ा देख पिता का झलका दर्द, बोला दुर्घटना बड़ा दर्द देकर जाती है…

शहर में बने रिंग रोड

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रिंग रोड: बेटे की पीड़ा देख पिता का झलका दर्द, बोला दुर्घटना बड़ा दर्द देकर जाती है...

रिंग रोड: बेटे की पीड़ा देख पिता का झलका दर्द, बोला दुर्घटना बड़ा दर्द देकर जाती है...

छतरपुर. दुर्घटना छोटी हो या बड़ी दर्द बड़ा देकर जाती है। सड़क पर चलते-चलते कोई वाहन पीछे से ही जब टक्कर मार दे तो क्या कर सकते हैं। करना तो कुछ सरकार को चाहिए। वाहनों की संख्या बढऩे से ट्रैफिक तो बढ़ गया, लेकिन अब भी सड़कों का विस्तार नहीं हो पाया। यह कहने में बिल्कुल भी हिचक नहीं है कि जहां मेरे बेटे का एक्सीडेंट हुआ, वहां के लिए कोई दूसरा मार्ग या रिंग रोड होता दुर्घटनाओं पर लगाम होती। यह दर्द उस पिता का झलका, जिसके एक बेटा जिंदगी अस्पताल में दुर्घटना के बाद कराह रहा है तो भतीजा जिंदगी और मौत से जूझ रहा हैं।


पत्रिका अभियान शहर को चाहिए रिंग रोड की चर्चा जैसे ही उसके सामने आई। खुद को रोक नहीं पाया। मुलायम कुशवाहा का बेटा धीरज कुशवाहा जिला अस्पताल में भर्ती है। जबकि उसका भतीजा भवानीदीन गंभीर हाल में झांसी रेफर किया गया है। पुलिस ने उसे बताया था कि उसके बेटे महोबा रोड पर हमा के पास सड़क पर बेसुध रक्तरंजित पड़े हुए थे, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके बाद मुलायम और अन्य भी अस्पताल पहुंचे और बेटे व भतीजे के हाल देखकर स्तब्ध रह गए।


आलमपुरा के रहने वाले मुलायम कुशवाहा के अनुसार घायल बेटे धीरज ने बताया कि वह बाइक से निवाड़ी के पास कोई गांव जा रहे थे। हमा रोड के पास पीछे से आ रही एक कार ने जोरदार टक्कर मार दी। जिससे बाइक चला रहे भवानीदीन और धीरज दोनों दूर जा गिरे। मुलायम के अनुसार अगर शहर में रिंग रोड होता तो चार पहिया वाहन बाहर से निकल जाता और इस तरह का दर्द बेटों को न मिलता। मुलायम कहते है कि रिंग रोड जरूर और जल्द बनना चाहिए। दुर्घटना में घायल धीरज का कहना है कि रिंग रोड या कोई बाहरी रास्ता होने पर वह हमा रोड से कभी नहीं आते, क्योंकि उन्हें यहां होने वाले ट्रैफिक की पूरी जानकारी है।

रिंग रोड बनना जरूरी
जिला अस्पताल में ही दुर्घटना के बाद भर्ती तुलसी कुशवाहा का कहना है कि शहर में रिंग रोड बनना जरूरी है। रिंग रोड बनने से यातायात काफी सुगम हो जाएगा। साथ ही शहर में बड़ रहे ट्रैफिक के दवाब को भी कम किया जा सकता है। तुलसी को भी महोबा रोड पर दुर्घटना के बाद भर्ती कराया गया था।

...और बढ़ते जा रहे उदाहरण
रिंग रोड की कमी और बढ़ते टैै्रफिक के कारण दुघर्टनाओं की संख्या भी रोजाना बढ़ती ही जा रही है। गुरुवार को एक और मामला इसके उदाहरण में शामिल हो गया है। शहर के नारायणबाग निवासी शेखर पाठक पिता धीरेंद्र पाठक गुरुवार को सुबह करीब ७ बजे शहर के बस स्टेंड से ऑटो में सवार होकर अपने घर आ रहा था। जभी रास्ते में जवाहर पैट्रोल पंप के पास सामने से आ रहे ट्रक से बचने के लिए चालक ने ऑटो मोड़ दिया। जिससे शेखर ऑटो से गिरकर गंभीर रुप से घायल हो गया।

पत्रिका व्यू: दर्द से कब मिलेगा छुटकारा
रिंग रोड बन जाए तो शहर बढ़ेगा। शहर बढ़ेगा तो ट्रैफिक भी फैलेगा। आम आदमी को राहत मिलेगी तो दर्द से भी छुटकारा मिलेगा। ट्रैफिक में रोजाना दुर्घटनाएं बढ़ती ही चली जा रही हैं, फिर भी जिम्मेदारों का ध्यान नहीं हैं। दुर्घटना का दर्द झेल रहे लोग भी अब कहने लगे है कि साहब इस दर्द से छुटकारा कब मिलेगा...।